- साहिबगंज और पाकुड़ में आधार नामांकन में गंभीर अनियमितता उजागर।
- दोनों जिलों में कुल 621 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की आईडी निष्क्रिय।
- बांग्लादेशी घुसपैठियों के फर्जी आधार बनाने की आशंका।
- दो आरोपी गिरफ्तार, जांच एजेंसियां सक्रिय।
साहिबगंज : झारखंड में आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। साहिबगंज और पाकुड़ जिले में नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर आधार कार्ड बनाए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद साहिबगंज में 292 और पाकुड़ में 329 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की आईडी बंद कर दी गई है। इस कार्रवाई से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है और कई अन्य केंद्र भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
जनसंख्या से अधिक बने आधार कार्ड
जांच में सामने आया कि दोनों जिलों में अनुमानित जनसंख्या से अधिक लोगों के आधार कार्ड बने हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, साहिबगंज जिले की अनुमानित आबादी 13 लाख 92 हजार 393 है, जबकि यहां 14 लाख 53 हजार 634 आधार कार्ड जारी हो चुके हैं। इसी तरह पाकुड़ की अनुमानित जनसंख्या 10 लाख 89 हजार 673 है, लेकिन यहां 11 लाख 36 हजार 959 लोगों के आधार बने पाए गए। यह अंतर प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया।
फर्जीवाड़े का खुलासा कैसे हुआ
मामले का खुलासा अक्टूबर में साहिबगंज के सोतीचौकी गांगजो स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र से हुआ, जहां अवैध तरीके से आधार बनाए जाने की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान वहां से लैपटॉप जब्त किए गए, जिनमें दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर आधार बनाने के प्रमाण मिले। इसी सिलसिले में दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जांच में देरी और सवाल
मामले की जांच के लिए रांची और दिल्ली से टीम भी आई थी और आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ की गई। हालांकि, अब तक जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपे जाने में देरी हो रही है। सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिस कारण रिपोर्ट को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। प्रशासन ने इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भेजे हैं और जल्द रिपोर्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बांग्लादेशी घुसपैठ का एंगल
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संलिप्तता की भी आशंका है। जांच में यह संकेत मिले हैं कि बाहरी पहचान पत्रों के आधार पर बड़ी संख्या में आधार कार्ड जारी किए गए।
आगे क्या…
फिलहाल दोनों जिलों में आधार केंद्रों की कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिन सीएससी केंद्रों पर गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें पूरी तरह बंद कर उनके संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

