RANCHI: अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को समीक्षा बैठक हुई। जिसमें राज्य के सभी सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वास्थ्य योजनाओं, अस्पताल प्रबंधन, बहाली प्रक्रिया और हाल की घटनाओं की समीक्षा की गई। सरायकेला में मां-बेटी की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट मांगी गई, जबकि गोड्डा मामले में दोषी ममता वाहन चालक, सहिया और अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई।
अपर मुख्य सचिव ने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और दोषियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं देने का निर्देश दिया। रांची में मरीज की मौत के मामले में भी जांच तेज करने को कहा गया। बैठक में एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सप्लायर को ब्लैक लिस्ट करने का निर्देश
हजारीबाग में बिना सामग्री आपूर्ति किए भुगतान किए जाने के मामले पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। संबंधित सप्लायर को ब्लैकलिस्ट करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी सिविल सर्जनों को पिछले दो वर्षों के प्रोक्योरमेंट का ऑडिट करने को कहा गया। मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी सिविल सर्जन खुद सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करें और अस्पतालों की वास्तविक स्थिति की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करें। आईसीयू, सीसीयू, इमरजेंसी सेवा और बेड की उपलब्धता की भी नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
जेएसएससी को भेजा जाएगा रिक्विजिशन
एनएचएम के तहत पारा मेडिकल स्टाफ और तकनीशियन की बहाली को लेकर विभाग ने बड़ा फैसला लिया। जिला वार रिक्तियों की सूची भेज दी गई है और दो माह के भीतर सभी पद भरने का निर्देश दिया गया। डीआईसी को जेएसएससी को रिक्विजिशन भेजने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डॉक्टरों की उपस्थिति और ट्रांसफर व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बीड श्रेणी के डॉक्टर यदि अपने निर्धारित कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं रहते हैं तो तत्काल रिपोर्ट भेजी जाए। बिना अनुमति किसी भी डॉक्टर का मनमाना ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दो बार नियुक्ति के बाद इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
डिजिटल हेल्थ सिस्टम को किया जाएगा मजबूत
स्वास्थ्य विभाग ने डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में भी कई फैसले लिए। अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि राज्य की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा और प्रत्येक जिले में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित होगा। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी लगाने तथा एआई आधारित इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड विकसित करने की तैयारी चल रही है। दवाओं की एक्सपायरी की निगरानी के लिए भी नया डिजिटल सिस्टम विकसित किया जाएगा।

