Ranchi: झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने एक अहम प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य के थानों में मुंशी के पद पर तैनात झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) और स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (SIRB) के जवानों की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
यह प्रतिनियुक्ति पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में की गई थी, जिसका जैप की एडीजी प्रिया दुबे ने कड़ा विरोध किया था। उन्होंने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए साफ कहा था कि इस आदेश का अनुपालन संभव नहीं है। एडीजी प्रिया दुबे के विरोध और आपत्ति के बाद वर्तमान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पूरे मामले की समीक्षा की और विचारोपरांत इस प्रतिनियुक्ति को रद्द करने का निर्णय लिया।
उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने 29 सितंबर 2025 को राज्य के विभिन्न थानों में मुंशी के पद पर जैप, आईआरबी और एसआईआरबी के कुल 212 जवानों की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया था। इससे पहले 3 जुलाई और 23 जुलाई 2025 को भी 89 महिला सिपाहियों को महिला थानों में पदस्थापित किया गया था, जिसके लिए न तो एडीजी जैप की सहमति ली गई थी और न ही तबादला समिति की अनुशंसा प्राप्त की गई थी।
29 सितंबर 2025 के आदेश के विरोध में एडीजी प्रिया दुबे ने 2 अक्टूबर 2025 को डीआईजी कार्मिक को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि जैप, आईआरबी और एसआईआरबी के जवानों के तबादले के लिए एक निर्धारित समिति है, जिसकी अनुशंसा के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि थानों में मुंशी का पदस्थापन संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के अधिकार क्षेत्र में आता है।
यह पहला अवसर था जब मुंशी के पद पर सीधे पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी किया गया, जिसे लेकर व्यापक आपत्ति दर्ज की गई। अंततः नियमों और प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए डीजीपी ने यह प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी।

