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RANCHI HEALTH NEWS: रांची में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर MDA डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक, जानें किस दिन खिलाई जाएगी दवाई

by Vivek Sharma
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RANCHI: फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय में ऑनलाइन मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक हुई। बैठक में उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, सिविल सर्जन सदर डॉ. प्रभात कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रांची जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांके, सोनाहातू और तमाड़ के अंतर्गत 10 फरवरी को बूथ डे मनाया जाएगा।

इस दिन जिले के कुल 619 बूथों पर फाइलेरिया रोधी दवाएं निःशुल्क और सुरक्षित रूप से खिलाई जाएंगी। अभियान के तहत लगभग 4,91,014 लक्षित आबादी को दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। ये दवा गर्भवती महिलाओं, अत्यंत गंभीर बीमार व्यक्ति और दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं खिलाई जाएगी। जो लोग 10 फरवरी को दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 25 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी।

फाइलेरिया का पूरी तरह रोकथाम संभव

उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया पूरी तरह रोकथाम योग्य बीमारी है। जिसे सामूहिक प्रयासों से जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय भाग लें और निर्धारित समय पर दवा का सेवन करें। उन्होंने इसे मास अभियान के रूप में सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार, जागरूकता वीडियो, पोस्टर और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की भागीदारी पर जोर दिया।

बैठक में जीविका से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। उपायुक्त ने घोषणा की कि अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला समूहों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, कृषक मित्रों, आशा कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को घर-घर जाकर दवा सेवन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया के लक्षण देर से दिखाई देते हैं, लेकिन इस अभियान के माध्यम से माइक्रोफाइलेरिया के प्रसार को रोका जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों और समुदाय से सहयोग की अपील करते हुए कहा आइए मिलकर अपने जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाएं और आने वाली पीढ़ियों को इस विकलांगता से बचाएं।

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