RANCHI: रोटरी क्लब ऑफ रांची ने मंगलवार को दिव्यांगों के जीवन में एक नई उम्मीद भरने का काम किया। इनाली फाउंडेशन पुणे के सहयोग से रांची में निशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ प्रत्यारोपण शिविर में 62 दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ लगाए गए। जिससे उनका आत्मविश्वास लौट आएगा। इतना ही नहीं वे अपने दैनिक काम भी अब बिना परेशानी के निपटा सकेंगे।
शिविर का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति का हाथ या शरीर का कोई अन्य अंग खो जाता है तो यह सिर्फ शारीरिक नुकसान नहीं होता, बल्कि आत्मविश्वास और जीवन की गति भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब ऑफ रांची की यह पहल केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि एक मानवीय संवेदना की मिसाल है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट की अनुशंसा वह भारतीय सैनिकों के लिए भी करेंगे, जिनके हाथ नहीं हैं। इसके अलावा रांची संसदीय क्षेत्र में 5000 सिलाई मशीनों का वितरण किया जाएगा।
कृत्रिम हाथ अत्याधुनिक तकनीक से लैस
रोटरी क्लब के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि किसी व्यक्ति को फिर से अपने हाथ से काम करते देखना शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने रोटरी की पहल को एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो समाज की सामूहिक कोशिश से संभव हुआ।
शिविर में दिए गए इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ अत्याधुनिक तकनीक से लैस थे। ये हाथ एक घंटे की चार्जिंग में तीन से चार दिन तक चल सकते हैं और इन्हें कोई भी व्यक्ति खुद से फिट कर सकता है। दिव्यांगों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास की झलक साफ देखी जा रही थी। बिहार के मृत्युंजय कुमार और गुमला के महादेव महतो नए हाथों से खुश थे और उन्हें अपने जीवन में एक नई शुरुआत का अहसास हो रहा था।
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