RANCHI: झारखण्ड की डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में अपराध व विधि-व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान राज्य में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों, उग्रवाद तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा पूर्व में दर्ज धमकी, लेवी, आगजनी और तोड़फोड़ से जुड़े मामलों में फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही फरार आरोपियों के विरुद्ध कुर्की-जब्ती की कार्रवाई कर पुरस्कार घोषित करने की प्रक्रिया अपनाने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि प्राप्त सूचनाओं के त्वरित सत्यापन के बाद कार्रवाई सुनिश्चित करें।
आत्मसमर्पण नीति का करें प्रचार-प्रसार
डीजीपी ने नक्सल विरोधी अभियान को और तेज करने तथा आत्मसमर्पण नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेटवर्क, मुखबिर तंत्र और डिजिटल निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ कर सूचना संकलन बढ़ाने पर विशेष जोर देने की जरूरत है। वहीं जमानत पर रिहा उग्रवादियों और अपराधियों की सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिए।
त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें
बैठक में लूट, हत्या, चोरी, डकैती, दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट तथा साइबर अपराध से संबंधित मामलों की समीक्षा कर त्वरित व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक और क्षेत्रीय उप-महानिरीक्षकों को निर्देशों का अनुपालन अपनी देखरेख में कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश देने को कहा गया।
बैठक में अभियान, विशेष शाखा, एसटीएफ और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी सहित विभिन्न प्रक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक व उप-महानिरीक्षक उपस्थित रहे। जबकि कुछ जिलों के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
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