RANCHI: राजधानी में साफ-सफाई और विजिबल क्लिनलीनेस को लेकर लगातार नगर निगम अभियान चला रहा हैं। कहीं भी गंदगी दिखाई न दें इसे लेकर सुपरवाइजरों को सख्त निर्देश भी दिया गया है। इसके बावजूद एक मोहल्ले की समस्या निपटाने में निगम फेल साबित हो रहा है। जी हां, हम बात कर रहे है पुरानी रांची की। जहां वार्ड 21 के अंतर्गत आने वाले कुम्हार टोली में नर्क जैसी स्थिति में लोग रहने को मजबूर है। यह स्थिति एक दो दिन नहीं बल्कि पिछले चार महीनों से है। इसके बावजूद निगम इस समस्या का समाधान नहीं कर पाया। थक हारकर लोगों ने मंगलवार को विरोध में सड़क से आवागमन तक बंद कर दिया। इतना ही नहीं सीएम से लेकर मंत्री का पुतला फूंका गया।
घर से निकलना भी मुश्किल
लोगों का कहना है कि इलाके का नाला लंबे समय से जाम है, जिसके कारण गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है। लोग रोजमर्रा के काम के लिए इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। कई बार नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। कभी कभी निगम की गाड़ी आती है और पानी को मशीन से निकाल दिया जाता है। कुछ घंटों के बाद वहीं स्थिति हो जाती है।
इंफेक्शन का सता रहा डर
नाले का पानी रोड पर जमा होने के वजह से लोग अपने घरों से नहीं निकल पा रहे है। वहीं खिड़कियां खोलने से भी लोग डर रहे है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार लगातार जमा गंदे पानी और गंदगी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण का डर बना हुआ है। बारिश या पानी बढ़ने पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। हर दिन जो लोग इस रास्ते से जाते है उन्हें भी इंफेक्शन का डर सता रहा है। इस समस्या से केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि स्थानीय दुकानदार भी काफी परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर गंदा पानी भरे रहने के कारण ग्राहक दुकान तक पहुंचने से कतराते हैं। इसके चलते उनकी दुकानदारी पर बुरा असर पड़ा है और रोजाना होने वाली आमदनी भी घट गई है।
क्या कह रहे मोहल्ले के लोग

लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से आज हमलोगों ने सड़क पर आवागमन रोक दिया। जब तक नगर निगम इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं करेगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इससे हमलोगों का अपने घर में रहना मुश्किल हो गया है।
अर्चना

निगम प्रशासन जल्द से जल्द नाले की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और सड़क की मरम्मत कराए। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। चुनाव से पहले तो पार्षद प्रत्याशी लगातार आ रहे थे। चुनाव जीतने के बाद तो वह गायब है।
आरती

ये समस्या बड़ी है। पिछले कई महीनों से हमलोग इसी माहौल में रह रहे है। दुकान तो प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। रोज आने जाने वालों को इंफेक्शन का डर सता रहा है। नगर निगम को इस समस्या का समाधान करना चाहिए। जिससे कि लोगों को आने जाने में परेशानी न हो।
समीर

सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है। स्कूल जाने के लिए या तो डूबकर जाना होता है या फिर स्कूटी से पार कराना होता है। आज तो रास्ते को ही ब्लाक कर दिया गया। जिससे कि काफी परेशानी हुई। निगम को इस समस्या का तत्काल स्थाई समाधान करना चाहिए। मशीन भेजने से काम नहीं चलेगा।
किशोर कुमार

