चक्रधरपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने सहित रेलवे संबंधी अन्य समस्याओं को लेकर आम लोगों के बीच आक्रोश बढ़ रहा है। ‘जनता रेल आंदोलन’ के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए रेल प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया है। इसी कड़ी में सोमवार को चक्रधरपुर रेल मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा गया।
यात्री की अपेक्षा मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने का आरोप
डीआरएम कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि चक्रधरपुर से चलने वाली कई यात्री ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशन से ही विलंबित चल रही हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या स्थानीय संचालन स्तर पर ही उत्पन्न हो रही है। लोगों ने यह भी गंभीर सवाल उठाया है कि क्या मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण यात्री ट्रेनों को रोका जा रहा है। इस संदर्भ में टाटानगर–राउरकेला एवं डांगुवापोसी–चाईबासा रेलखंड पर मालगाड़ियों एवं यात्री ट्रेनों के मूवमेंट का डेटा सार्वजनिक करने की मांग की गई है। यह भी मांग की गई है कि ट्रेन संचालन (Movement) किस स्तर पर नियंत्रित किया जा रहा है तथा इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
बिना सूचना का गेट बंद किए जाने पर जताया विरोध
चक्रधरपुर शहर से रेलवे के प्रवेश रास्ते में रेल मंडल द्वारा लोहे का गेट लगा देने से लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। लोगों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना के कई स्थानों पर प्रवेश मार्ग पर (गेट) बंद कर दिए जाने से आम जनता, छात्र एवं मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की कि तत्काल गेट खोले जाएं। चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो “जनता रेल आंदोलन” के तहत चक्रधरपुर में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसमें धरना, प्रदर्शन एवं आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल भी शामिल होगी। जनता रेल आंदोलन ने कहा कि यह संघर्ष आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
आंदोलनकारियों की 4 प्रमुख मांगें
- सभी यात्री ट्रेनों को समय सारिणी के अनुसार नियमित रूप से चलाया जाए।
- सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर संचालित किया जाए।
- ट्रेनों के विलंब के कारणों को सार्वजनिक किया जाए एवं संचालन में पारदर्शिता लाई जाए।
- बंद किए गए रेलवे गेट, प्रवेश मार्गों को तत्काल खोला जाए या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

