RANCHI: रांची नगर निगम में गुरुवार को बोर्ड की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता मेयर रोशनी खलखो ने की। इस दौरान शहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक से पहले मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षदों का स्वागत किया गया। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने प्रोटोकॉल के तहत मेयर को बैठक के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं बोर्ड के सामने रखी। पार्षदों ने बताया कि पिछले साढ़े तीन सालों से चुनाव और बोर्ड की बैठक नहीं होने के कारण जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा था। बता दें कि बैठक में 8 एजेंडों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई।
नगर निगम ने बिल्डिंग मटेरियल उठाव के दर में वृद्धि कर दी है। अब 300 रुपये प्रति ट्रैक्टर की जगह इसे बढ़ाकर 600 रुपया कर दिया है। निगम बोर्ड की बैठक के दौरान ये निर्णय लिया गया है। निगम के पदाधिकारियों ने कहा कि 10 साल पहले नगर निगम द्वारा 300 रुपया लेकर बिल्डिंग मैटेरियल का उठाव करता था। लेकिन अब महंगाई बहुत बढ़ गई है। अब कोई भी व्यक्ति अपने घर से निकले बिल्डिंग मैटेरियल का उठाव निगम के वाहन से कराएगा तो उसे 600 रुपये प्रति ट्रैक्टर के दर से चार्ज देना होगा।

पार्षदों ने उठाया मुद्दा
बैठक के दौरान वेंडर मार्केट को लेकर पार्षदों ने हंगामा किया। वार्ड पार्षद सुनील यादव ने कहा कि कचहरी रोड में वेंडर मार्केट बनाकर 400 से अधिक फुटपाथ दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गई हैं। लेकिन दुकान आवंटन में मनमानी की गई है। एक ही परिवार के चार-चार लोगों को दुकानें आवंटित कर दी गई है। जबकि कई लोगों को अब तक दुकानें ही नहीं मिली हैं। वहीं अन्य पार्षदों ने कहा कि मार्केट के सारे दुकानदारों की मनमानी चरम पर है। दुकान मिलने के बाद भी ये फुटपाथ छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कई पार्षदों ने कहा कि इनकी मनमानी इस कदर बढ़ी हुई है कि ये खुद को अब मालिक समझने लगे हैं।
जांच के लिए बनाई जांच कमिटी
पार्षदों की मांग पर मेयर रोशनी खलखो ने इसकी जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। जिसमें मेयर के अलावा डिप्टी मेयर, निगम के तीन अफसर व पांच पार्षद रहेंगे। जांच में अगर दुकानों के किराए पर लगाने की पुष्टि होती है तो आवंटन को रद्द किया जाएगा। वहीं एक परिवार के एक से अधिक लोगों के दुकान पाए जाने पर इनका भी आवंटन रद्द किया जायेगा।
किराए पर अगली मीटिंग में होगा फैसला
बैठक में अपर बाजार व बहु बाजार की दुकानों के किराये के वृद्धि के प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया। मेयर ने कहा कि इसपर विस्तार से चर्चा करना जरूरी है। इसलिए दर वृद्धि पर फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा। बैठक के दौरान नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने पार्षदों को बताया कि रांची शहर के विकास को लेकर नगर निगम आइआइटी रुड़की को एडवाइजर बनाना चाहता है। इस पर मेयर ने कहा कि पहले यह तय हो जाना चाहिए कि एडवाइजर बनाने के बदले में आइआइटी रुड़की को हम क्या देंगे। जब तक यह फैसला नहीं हो जाता है तबतक इसे होल्ड पर ही रखा जाए।
विधायक की अनुशंसा पर नहीं हुआ काम
बैठक में विधायक सीपी सिंह ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्होंने अपने विधायक फंड से कई कामों की अनुशंसा की है। लेकिन निगम द्वारा अब तक इन कार्यों को धरातल पर नहीं उतारा गया है। ऐसे में पार्षदों के अनुशंसा को अधिकारी कितनी गंभीरता से लेंगे यह सोचने वाली बात है। उन्होंने निगम से मांग करते हुए कहा कि सीवरेज-ड्रेनेज व अन्य कार्यों के लिए जहां भी सड़कों की खुदाई की गयी है। उन सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द की जाये।

