Jamshedpur : झारखंड में उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े कुछ अधिकारियों और शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। मंत्रिमंडल निगरानी ने चाईबासा से लेकर धनबाद तक उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत पदाधिकारी से लेकर शिक्षकों तक पर एफआईआर की अनुमति मांगी है।इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र भेजकर संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज करने के लिए पूर्वानुमति देने को कहा है।
जांच के दायरे में टाटा कॉलेज चाईबासा और आरएस मोड कॉलेज गोविंदपुर धनबाद से जुड़े कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। आरोपितों में आरएस मोड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र कुमार शर्मा, टाटा कॉलेज के उड़िया विभाग के सह प्राध्यापक एवं कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ. सुरेश चंद्र दास, डॉ. मनोज कुमार महापात्र, वनस्पति शास्त्र विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. विष्णु शंकर सिन्हा तथा आरएस मोड कॉलेज के लिपिक सह कोल्हान यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार मुरारी कुमार मिश्रा का नाम शामिल है। सरकार की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को देनी होगी जानकारी: झारखंड में कॉलेजों से जुड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी आरोपित अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17(ए) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी है।मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।सरकार के इस सख्त रुख से संकेत मिल रहे हैं कि शिक्षा संस्थानों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर अब किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह है मामला
कोल्हान विश्वविद्यालय में तैनात डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति में कथित रूप से गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। पूरा मामला केयू के डिप्टी रजिस्ट्रार एमके मिश्रा से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मिश्रा की प्रारंभिक नियुक्ति आरएस मोड कॉलेज गोविंदपुर धनबाद में थर्ड ग्रेड पद पर हुई थी। बाद में कोल्हान विश्वविद्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार पद के लिए आवेदन कर वह जेपीएससी से चयनित हो गए।इस पद के लिए आवश्यक योग्यता के तहत थर्ड ग्रेड कर्मियों को सुपरवाइजर स्तर का अनुभव होना जरूरी था। आरोप है कि मिश्रा के पास यह अनुभव नहीं था, फिर भी उन्होंने प्राचार्य के हस्ताक्षर से जारी कथित गलत अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति हासिल कर ली।इस प्रमाण पत्र की वैधता को अन्य अभ्यर्थियों ने चुनौती दी, जिसके बाद जांच समिति गठित की गई। समिति ने मिश्रा के पक्ष में रिपोर्ट दी, लेकिन बाद की जांच में यह रिपोर्ट गलत पाई गई। इसके बाद ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस मामले में विवि को जो भी निर्देश प्राप्त हुआ है,उसके आलोक में हम कार्रवाई कर रहे हैं। जो भी होगा, विवि के नियमों के दायरे में ही होगा। जहां तक जांच की बात है तो यह निगरानी को करना है। हमसे जो सहयोग मांगा जाएगा हम करेंगे। डॉ आरके कर्ण, रजिस्ट्रार केयू

