RANCHI: रांची में स्वास्थ्य विभाग ने पैथोलॉजी क्लिनिक और कलेक्शन सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार के निर्देश पर डीडीएम रांची और उनकी टीम द्वारा दो पैथोलॉजी क्लिनिक और कलेक्शन सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन सामने आया। जिसके बाद संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि एक लैब ने तत्काल फाइन की राशि जमा करा दी है। वहीं झोपड़ी मार्केट सेक्टर 1 धुर्वा में चल रहे बाबा ब्लड कलेक्शन सेंटर पर कार्रवाई की गई है।
लाइसेंस नहीं कराया था रिन्यूअल
निरीक्षण में टीम ने पाया कि संबंधित क्लिनिक और कलेक्शन सेंटर ने निर्धारित समय सीमा के भीतर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लाइसेंस नहीं लिया था। यह स्वास्थ्य विभाग के नियमों का सीधा उल्लंघन पाया गया। इसके अलावा बायो-मेडिकल वेस्ट खुले में असुरक्षित तरीके से फेंका जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार का बायो-मेडिकल वेस्ट, जिसमें इस्तेमाल किए गए सैंपल ट्यूब, सिरिंज, दस्ताने और अन्य संक्रमित सामग्री इंफेक्शन फैला सकते है। खुले में फेंका गया यह कचरा संक्रमण फैलाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सिविल सर्जन कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जिले में स्वास्थ्य मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत दोषी पाए गए संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी दोहराया कि जिले में सभी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटरों के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। लाइसेंस का समय पर रिन्यूअल और बायो-मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है।
2 लाख का लगाया फाइन
बाबा कलेक्शन सेंटर नाम से संचालित लैब एस्बेस्टस के नीचे चल रहा था। जहां पर चारों ओर गंदगी का माहौल था। इसके अलावा संस्थान के पास लाइसेंस भी नहीं था। ऐसे में विभाग ने पहले 70 हजार का जुर्माना लगाया था। 15 दिन में जुर्माना नहीं भरने पर इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपए किया गया है। अब एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आरटीआई से मांगी गई है जानकारी
बता दे कि सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा ने कई बार झारखंड क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को सख्ती से लागू कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मांगी है। लेकिन ज्यादातर जिलों ने हॉस्पिटलों, क्लीनिक और लैब की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। इसमें रांची भी शामिल है। ऐसे में इस कार्रवाई को बेहतर संकेत माना जा रहा है। साथ ही ये भी उम्मीद जताई गई है कि अन्य संस्थान जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उसपर भी तत्काल कार्रवाई की जाए।

