धनबाद : झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत चिरकुंडा में तीन नंबर के पास मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे 11 हजार केवीए का तार टूट कर गिर गया, जिससे इसकी चपेट में आकर तीन मवेशी (भैंस) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग दुर्घटना के शिकार होने से बच गए। कई लोग बाइक और साइकिल छोड़ कर जान बचाई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ चिरकुंडा-पंचेत मुख्य सड़क को जाम कर दिया।
घटना के संबंध में लोगों ने बताया कि चिरकुंडा लाइन किनारे रहने वाले सुनील यादव अपने दर्जनों मवेशियों को चराने के लिए सुबह में ले जा रहे थे, तभी तीन नंबर चढ़ाई के पास अचानक 11 हजार के करंट वाला तार टूटकर गिर गया। इसकी चपेट में आने से तीन मवेशियों की मौत हो गई। जबकि काम पर चासनाला जा रहे इस्कोकर्मी जयदेव ने बाइक छोड़ किसी तरह जान बचाई। कई अन्य लोग भी बिजली की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। कोई और दुर्घटना का शिकार नहीं हो जाए, इसके लिए सड़क को बांस-बल्ली से घेर दिया गया है।

इस घटना के लिए आक्रोशित लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। सूचना पर पहुंची चिरकुंडा पुलिस ने जेबीएसआई को सूचना दी। सुरक्षा कारणों से इस रास्ते से होकर पुलिस भी किसी को आने जाने नहीं दे रही है।वहीं मवेशी मालिक सुनील यादव को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है। चिरकुंडा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष डबलू बाउरी ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही का कारण यह घटना घटी है।
11हजार केवीए का इंसुलेटर वर्षों से टूट कर पोल में सटा हुआ था। शिकायत करने के बाद भी जेबीएसएनएल ध्यान नहीं दे रहा है। इसके कारण आज घटना घटी। मालूम हो कि एक माह पहले भी पास के ही भगवती प्लाजा के नजदीक दशरथ यादव की मवेशी की मौत बिजली पोल के संपर्क में आने से हो गई थी। विधायक अरूप चटर्जी के हस्तक्षेप के बाद 30 हजार मुआवजा राशि दी गई थी।
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