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West Singhbhum : मनोहरपुर में मधुमक्खियों का कहर: CRPF कैंप में चार जवान घायल, ग्रामीण के कान में घुसी मधुमक्खी

West Singhbhum : मनोहरपुर सीएचसी के चिकित्सकों ने बताया कि CRPF के चारों जवानों और ग्रामीण कारू महतो का इलाज कर दिया गया है।

by Rajeshwar Pandey
Manoharpur Bee Attack CRPF Camp West Singhbhum
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Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड में बुधवार को मधुमक्खियों के हमले में पांच लोग घायल हो गए। दो अलग-अलग घटनाओं में चिरिया ओपी थाना क्षेत्र के टिमरा गांव स्थित CRPF कैंप के चार जवान और ढीपा गांव का एक ग्रामीण शिकार बने।

CRPF कैंप में अचानक मधुमक्खियों का हमला

टिमरा गांव स्थित CRPF कैंप में बुधवार को अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने जवानों पर धावा बोल दिया। घटना के वक्त सभी जवान कैंप परिसर में ही मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कैंप के आसपास के पेड़ों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों से निकले झुंड ने जवानों को निशाना बनाया। मधुमक्खियों के हमले में 47 वर्षीय दीपक कुमार, 25 वर्षीय राजा कुमार, 23 वर्षीय आर्यन और 39 वर्षीय पीके घोष घायल हो गए। जवानों को कई जगह डंक लगे। घटना के तुरंत बाद सभी को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

ढीपा के ग्रामीण पर भी टूटा कहर

दूसरी घटना ढीपा गांव की है। 55 वर्षीय कारू महतो किसी काम से मनोहरपुर आ रहे थे। रास्ते में मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति इतनी भयावह थी कि एक मधुमक्खी उनके कान के अंदर घुस गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें मनोहरपुर सीएचसी लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने इलाज के दौरान विशेष सावधानी से उनके कान से मधुमक्खी को बाहर निकाला।

डॉक्टर बोले- सभी खतरे से बाहर

मनोहरपुर सीएचसी के चिकित्सकों ने बताया कि CRPF के चारों जवानों और ग्रामीण कारू महतो का इलाज कर दिया गया है। सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। कुछ जवानों को एलर्जी की दवा भी दी गई है।

क्षेत्र में दहशत, छत्ते हटाने की मांग

लगातार हो रही मधुमक्खियों के हमले की घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। सारंडा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के बीच प्राकृतिक चुनौतियां भी जवानों के लिए मुसीबत बन रही हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से कैंप और रिहायशी इलाकों के पास लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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