Gumla : जिले के चैनपुर थाना पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के सिलफड़ी गांव में एक नाबालिग किशोरी की शादी रुकवा दी। पुलिस की तत्परता और समझाइश के बाद बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। इस कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है तथा लोग पुलिस की सराहना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार सिलफड़ी गांव में शादी समारोह चल रहा था और वर पक्ष बारात लेकर पहुंच चुका था।
इसी दौरान चैनपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जिस लड़की की शादी कराई जा रही है, वह नाबालिग है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल शादी की रस्मों को रुकवा दिया। पुलिस ने वर-वधू पक्ष से उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान लड़की के आधार कार्ड में जन्म तिथि 01 जनवरी 2009 दर्ज पाई गई, जिससे स्पष्ट हो गया कि वह अभी 18 वर्ष की नहीं हुई है।
जांच में नाबालिग निकली दुल्हन
वहीं दूल्हे सुमित मुंडा के शैक्षणिक प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 16 अगस्त 2003 अंकित थी। उम्र की पुष्टि होने के बाद थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने दोनों पक्षों के परिजनों एवं बारात में शामिल लोगों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनी अपराध है और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने दोनों परिवारों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लड़की के 18 वर्ष पूर्ण होने से पहले विवाह नहीं कराया जा सकता।
विवाह कार्यक्रम कर दिया गया रद
कानूनी कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद दोनों पक्षों ने सहमति जताई और शांतिपूर्ण तरीके से विवाह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इसके बाद बारात को वापस लौटना पड़ा। मौके पर पुलिस ने ग्रामीणों को भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। थाना प्रभारी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी नाबालिग की शादी होने की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

