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Chakradharpur Railway Station Rescue : चक्रधरपुर में बड़ी कार्रवाई : रेलवे स्टेशन से 9 नाबालिगों का रेस्क्यू, गुजरात-तमिलनाडु ले जाए जा रहे थे बच्चे

by Rajeshwar Pandey
Chakradharpur Railway Station Rescue
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चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत चक्रधरपुर में नाबालिगों का पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की सतर्कता से गुरुवार 7 मई 2026 को एक बड़ी घटना टल गई। चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन परिसर में संयुक्त अभियान चलाकर 9 मासूम बच्चों को दूसरे राज्यों में ले जाए जाने से बचा लिया गया।

थाना प्रभारी के नेतृत्व में चला रेस्क्यू अभियान

गुरुवार की रात चक्रधरपुर के थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन, रांची के सहयोग से जिला बाल संरक्षण इकाई की पदाधिकारी पुनीता तिवारी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल, रेलवे राजकीय पुलिस, चक्रधरपुर थाना, महिला थाना, बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के अधिकारी शामिल थे।

गुजरात और तमिलनाडु ले जाए जा रहे थे बच्चे

अभियान के दौरान स्टेशन परिसर में 9 नाबालिग मिले। जांच में पता चला कि 4 नाबालिग लड़के गुजरात और 5 नाबालिग बच्चियां तमिलनाडु भेजे जाने की तैयारी में थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को रेस्क्यू कर अपने संरक्षण में ले लिया। समय पर कार्रवाई होने से बच्चे संभावित शोषण और अंधेरे भविष्य में जाने से बच गए।

बाल कुंज और छाया बालिका गृह भेजे गए

रेस्क्यू के बाद बाल कल्याण समिति से समन्वय कर आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 4 लड़कों को ‘बाल कुंज’ और 5 बच्चियों को ‘छाया बालिका गृह’ में सुरक्षित पहुंचाया गया। फिलहाल बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिजनों से संपर्क साधा जा रहा है।

लगातार हो रहा पलायन, पुलिस सतर्क, लेकिन गिरोह तक प्रशासन पहुंचने में पूरी तरह नाकाम

चक्रधरपुर क्षेत्र से लगातार नाबालिगों को सपने दिखाकर काम कराने के बहाने दूसरे राज्यों में ले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि बच्चों को कौन ले जा रहा था, इसका कोई अता-पता नहीं है। जानकार मानते हैं कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय है। लेकिन हर बार सिर्फ नाबालिग पकड़ाते हैं और गिरोह के संरक्षक का आता-पता नहीं चल पाता है। हर बार नाबालिग पकड़े जाने के बाद जांच की बात कही जाती है, लेकिन ‘रात गई बात गई: की तर्ज पर मामला शांत हो जाता है। यही कारण है कि जांच सही से नहीं होने के कारण नाबालिगों की तस्करी पश्चिमी सिंहभूम जिला से लगातार जारी है। हालांकि स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को काम पर भेजने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी थाने को दें।

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