KANCHAN KUMAR
रांची : क्या आपको पता है कि झारखंड का एक ऐसा पर्यटन केंद्र है जहां जाने के लिए लोग एडवांस बुकिंग कर कई दिनों तक इंतजार करते हैं। साथ ही यहां जाने के लिए कई तरह के गाइडलाइंस का पालन करते हैं। यह गर्व की बात है पूरे देश में इसकी शुरुआत झारखंड की धरती से की गई है। इसमें एक साथ आप कई तरह के मजे ले सकते हैं। प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ऐसा कि रास्ते में उतरकर तस्वीरें उतारने और सेल्फी लेने को आप बेचैन हो जाएंगे। वहीं रोमांच ऐसा कि समीप में धमाके होंगे और छा जाएगा धूल एवं धुएं का गुबार। मैं बात कर रहा हूं माइनिंग टूरिज्म की जिसे शुरू करने वाला झारखंड पहला राज्य है।
यह योजना बताती है हेमंत सोरेन की सरकार हर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कितना गंभीर है। इसकी महत्ता बताते हुए झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा था कि झारखंड पहला ऐसा राज्य है जहां खनन पर्यटन की शुरुआत की गई है। यह न केवल झारखंड की औद्योगिक ताकत प्रदर्शित करेगी, बल्कि पर्यटकों को ऊर्जा क्षेत्र और उसके समृद्ध इतिहास पर एक अनूठा दृष्टिकोण भी देगा। उन्होंने लोगों से पर्यटन की नई विधा का आनंद लेने की अपील की थी।
झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड(जेटीडीसी) एवं सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के बीच एमओयू के बाद इसकी शुरुआत की गई। JTDC Ranchi से चलकर रामगढ़ के उरिमारी कोयला खदान तक सफर कराता है। रास्ते में चढ़ती-उतरती एवं दिल को छू लेने वाली पतरातू की वादियों की सैर करने को मिलेगा। घाटी में पहुंचते ही प्रकृति की इस खूबसूरती को कैमरे में कैद करने के लिए युवाओं का दिल मचलने लगता है।
दूर-दूर तक फैली हरियाली और पहाड़ों से घिरी इस घाटी को देखकर दिल में मनाली की छवि उभरने लगती है। घाटी खत्म होते ही पतरातू डैम मिलता है जहां बोटिंग, ट्रैकिंग और कैंपिंग का मजा ले सकते हैं। रास्ते में ऊंचाई से गिरते पलानी वाटर फॉल की प्राकृतिक खूबसूरती को नजदीक से निहारने का मौका मिलेगा।
रूपांच के बाद शुरू होगा रोमांच का सफर
अब प्रकृति के रूपांच (सौंदर्य से भर देने वाला अहसास) के बाद रोमांच का सफर शुरू होगा। जिस दृश्य को देखने के लिए आपने कई दिनों कर तक इंतजार किया, कई तरह के गाइडलाइंस फॉलो करने की सीख ली। ज्ञान- विज्ञान का यह सफर आपको बहुत दिनों तक याद रहेगा। आप रामगढ़ जिले के उरीमारी ओपन कास्ट खदान पहुंचेंगे। ऊंची- ऊंची काले हीरे (कोयले) की दीवारें… इसे तोड़ने के लिए विस्फोट… धूल धुएं के गुबार और इसके बीच सावधानी के निर्देश देते सीसीएल के अधिकारी।

सबकुछ आपको समीप से देखने, जानने और समझने का मौका मिलेगा। सैकड़ों फीट गहरी खाई में कोयला लोड कर घूमावदार मार्ग से ऊपर आते बड़े-बड़े हाईवा एवं नीचे उतरते खाली वाहन, भारी मशीनों का उपयोग, खान के भीतर गाइड आपको खनन से लेकर डिस्पैच तक की पूरी प्रक्रिया समझाएंगे।
गाइड समझाएंगे कि कैसे कोयला धरती से काटा जाता है, लोड किया जाता है और देश के कोने-कोने में भेजा जाता है, जिससे आपके घरों की बिजली जलती है। देश भर में कुल कोयले की खपत का 25-30 सिर्फ झारखंड देता है जिससे देश का अधिकांश भाग रोशन हो रहा है।
सुरक्षा नियमों का करना होगा पालन
लेकिन इस स्थल की टूर के पहले आपको हेलमेट, रिफ्लेक्टिव जैकेट और मजबूत जूते पहनने होंगे। सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए हुए अनुशासन में रहकर इस पर्यटन का अलग ही आनंद है। विद्यार्थी, विज्ञान प्रेमी, खनन तकनीक एवं खनिजों में रुचि रखने वाले लोग इसका भरपूर मजा लेते हैं।
चूंकि यह अलग तरह का ज्ञानवर्धक एवं रोमांचक पर्यटन है, इसलिए आनेवाले समय में इसका क्रेज और बढ़ेगा। अभी केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों से भी लोग इस पर्यटन के बारे में जानकारी ले रहे हैं तथा अपना ट्रिप बुक करा रहे हैं।
ऐसे करें बुकिंग
इसका आनंद लेने के लिए आप जेटीडीसी से बुकिंग होता है। रजरप्पा रूट के लिए 2800 रुपये + जीएसटी प्रति व्यक्ति एवं पतरातू रूट के लिए 2500 रुपये+ GST प्रति व्यक्ति का पैकेज है।

