Godda : जिला पुलिस ने पहली बार सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के मामले में नामजद आरोपितों को सजा दिलाने के लिए घटना के महत 13 बाद ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। बीते 15 मई को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी हुई थी। घटना के बाद पुलसि ने दो नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब उक्त आरोपितों को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने आरोप पत्र समर्पित कर स्पीडी ट्रायल की गुहार न्यायालय से लगाई है।
तीन वर्षीय बच्ची के साथ गैंगरेप व हत्या के मामले में महज 13 दिन में आरोपितों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल करने की राज्य में पहली घटना है। मामला गोड्डा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जहां मामले में पुलिस ने दाेनों नामजद आरोपितों को घटना के दिन ही ग्रामीण के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले दुमका के रामगढ़ थाना क्षेत्र में छह साल के नाबालिग बच्ची के साथ बर्बरता मामले में आरोप पत्र 14 दिनों में अदालत में दाखिल किया था। इस मामले में पुलिस ने फरवरी-2020 में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
ताजा मामले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बीते 15 मई को तीन साल की बच्ची के साथ गैंगरेप व हत्या की वारदात हुई थी। बच्ची के स्वजनों पर ही गैंगरैप और निर्मम हत्या कर शव को छिपाने के उद्देश्य से कुआं में फेंकने का आरोप लगा था। इसको लेकर बीते 15 मई- 2026 को मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी अभियुक्त प्रेम मुर्मू व जारमन सोरेन को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार किया था। वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी चीजों की रासायनिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला रांची भेजा गया था। जहां पुलिस को अनुसंधान के क्रम में अद्यतन साक्ष्य के आधार पर गैंपरेप व पोक्सो की धारा में कांड के प्राथमिक अभियुक्त प्रेम मुर्मू और जारमेन साेरेन के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए हत्या,गैंगरेप व पोक्सो एक्ट के तहत 13 दिनों में ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
इस कांड के अनुसंधानकर्ता मुफस्सिल थाना प्रभारी आनंद कुमार साह हैं। इस मामले में अदालत से स्पीडी ट्रायल की गुहार भी लगाई गई है। इस चर्चित व जघन्य मामले की सभी ने निंदा की भी जहां दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई थी। बच्ची अपने नानी घर में रहती थी जबकि एक आरोपित प्रेम मुर्मू रिश्ते में चचेरा नाना लगता था।

