Jamshedpur : झारखंड की धरती प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिहाज से बेहद समृद्ध मानी जाती है। यहां के पहाड़, जंगल, झरने और डैम हर साल लाखों सैलानियों को अपनी ओर अट्रैक्ट करते हैं। इन्हीं खूबसूरत पर्यटन स्थलों में एक नाम है सरायकेला-खरसावां जिले में स्थित चांडिल डैम का, जहां आपको गोवा जैसा आनंद मिलेगा। चांडिल डैम आज झारखंड ही नहीं, बल्कि बंगाल व ओडिशा के पर्यटकों की भी पहली पसंद बन चुका है। स्वर्णरेखा नदी पर बना यह विशाल डैम प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और रोमांचक गतिविधियों के कारण लोगों के दिलों में खास जगह बना चुका है।

यहां साल भर सैलानियों की भीड़ रहती है। मगर, नवंबर से फरवरी तक यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। नए साल के मौके पर चांडिल डैम पर्यटकों से लबरेज रहता है। सुबह से ही लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने यहां पहुंचते हैं।
डैम में नौका विहार का अलग आनंद है। बोटिंग के लिए लंबी कतारें लगती हैं। सैलानी स्वच्छ जलधारा, ऊंचे पहाड़ों और हरियाली के बीच नौकायन का आनंद लेते हैं। प्रकृति के बीच बिताए गए ये पल लोगों के लिए यादगार बन जाते हैं।
1963 वर्ग किलोमीटर में फैला जलाशय
चांडिल डैम स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी लंबाई लगभग 720 मीटर बताई जाती है, जबकि जलाशय का विशाल क्षेत्र करीब 1963 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह डैम सिंचाई, पेयजल, औद्योगिक उपयोग, बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण जैसी कई महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करता है। लेकिन, तकनीकी महत्व के साथ-साथ इसकी सबसे बड़ी पहचान इसकी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता है। चारों ओर फैले पहाड़, घने जंगल और शांत जलराशि यहां आने वाले लोगों को सुकून का एहसास कराती है।

रोमांच प्रेमियों के लिए खास आकर्षण
यह डैम रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए भी खास है। यहां पर्यटकों के लिए बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटन विभाग आने वाले समय में यहां कई एडवेंचर गतिविधियां शुरू करने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि चांडिल डैम में कायकिंग, पैडल बोटिंग, ड्रैगन बोट रेस, फिशिंग, क्लिफ जंपिंग और अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। पहले यहां वाटर स्पोर्ट्स का आयोजन हो चुका है, जिसमें झारखंड के अलावा, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागी आए थे।
पर्यटन विभाग की योजना है कि आने वाले समय में चांडिल डैम को गोवा की तर्ज पर वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाए, ताकि साल भर पर्यटक यहां रोमांच का आनंद ले सकें।
राष्ट्रीय उच्च्पथ पर होने से पहुंचना आसान
रांची-टाटा राष्ट्रीय उच्च्पथ पर होने के कारण यहां पहुंचना बेहद आसान है। चांडिल डैम का सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन टाटानगर जंक्शन है। टाटानगर से चांडिल डैम की दूरी लगभग 44 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से भी चांडिल डैम आसानी से पहुंचा जा सकता है। जमशेदपुर के भुइयांडीह स्थित बस स्टैंड से इसकी दूरी करीब 21 किलोमीटर है। हवाई मार्ग से आने वाले पर्यटक रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से आकर सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं, जहां से 100 किलोमीटर की दूरी है।
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