धनबाद : झारखंड में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। राज्य में अगले साल यानी अप्रैल-मई 2027 में चुनाव कराए जा सकते हैं। आयोग ने राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पत्र भेजकर चुनावी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश मिलने के बाद धनबाद समेत सभी जिलों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। आयोग ने सभी जिला मुख्यालयों से उनके क्षेत्रों में मौजूद छोटी-बड़ी मतपेटियों (बैलेट बॉक्स) की कुल संख्या, मतदान केंद्रों (बूथों) की स्थिति और पंचायतों की मौजूदा संख्या की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, अकेले धनबाद जिले में कुल 256 पंचायतें हैं और जिला प्रशासन के पास वर्तमान में 5,000 से अधिक मतपेटियां उपलब्ध हैं। चुनाव के दौरान हर एक बूथ पर सुचारू मतदान के लिए दो बड़ी और एक छोटी मतपेटी का इस्तेमाल किया जाएगा।
ईवीएम नहीं, मतपत्र से होगा चुनाव
इस बार का पंचायत चुनाव नगर निकाय चुनावों की तरह ही पारंपरिक मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा मतपेटियों का ब्यौरा मांगने से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि इस चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा।
चुनाव के दौरान हर मतदाता को तीन अलग-अलग पदों—जिला परिषद सदस्य, मुखिया और पंचायत समिति सदस्य के लिए अपना वोट डालना होगा। भ्रम से बचने और पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए निर्वाचन आयोग चार अलग-अलग रंगों के मतपत्रों का इस्तेमाल करेगा।
विभिन्न पदों के लिए अलग- अलग रंग के मतपत्र
सफेद रंग-पंचायत वार्ड सदस्य के लिए।
गुलाबी रंग- मुखिया उम्मीदवार के लिए।
हल्का हरा रंग-पंचायत समिति सदस्य के लिए।
हल्का पीला रंग- जिला परिषद सदस्य के लिए।

