Jmashedpur : जमशेदपुर में बुधवार की रात सोनारी के झाबरी बस्ती के रहने वाले एक व्यक्ति ने अजीब विरोध जताया है। इस व्यक्ति ने दारू पीकर कार चलाने के आरोप में 10 हजार रुपये का चालान कटने के बाद बिष्टुपुर जाकर शराब खरीदी और साकची में डीसी ऑफिस के सामने कार लगा कर सड़क पर ही शराब पीने लगा। अब ट्रैफिक डीएसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए रद कर दिया जाएगा। ट्रेफिक डीएसपी का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना अपराध है। इसके लिए जो नियत जुर्माना है, वही कार चालक से वसूला गया है।
इस खबर का पूरा घटनाक्रम बेहद नाटकीय है। सोनारी के झाबरी बस्ती के रहने वाले संजय सिंह ने बताया कि वह घर में बैठे शराब पी रहे थे। इसके बाद वह कार लेकर शराब लेने निकले थे। तभी सीएच एरिया में साईं मंदिर के पास ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग लगाई गई थी। यहां उन्हें रोक लिया गया। इसके बाद उनके मुंह में ब्रीथ एनालाइजर लगाया गया। संजय ने पत्रकारों को बताया कि इस जांच में कई बार उनसे फूंक मारने को कहा गया। जब एनालाइजर में यह बात आ गई कि उन्होंने दारू पी है तो कहा गया कि 10 हजार रुपये का चालान कटेगा। इसके बाद उन्होंने 10 हजार रुपये ऑनलाइन दिए। ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें इसकी बाकायदा रसीद दी।
बाद में संजय दारू लेकर वहीं पहुंचे जहां चेकिंग चल रही थी। संजय का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने के बाद उनसे कहा था कि अब वह 24 घंटे के लिए फ्री हैं और कहीं भी बैठ कर दारू पी सकते हैं। जबकि, ट्रैफिक पुलिस कर्मी का कहना है कि उन्होंने यह नहीं कहा कि अब कहीं भी बैठ कर दारू पी सकते हैं। संजय का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी के कहीं भी 24 घंटे बैठ कर दारू पीने की बात कहने पर ही वह दारू लेकर दोबारा वहां पहुंचे जहां चेकिंग चल रही थी। यहां उन्होंने जब बाहर निकल कर दारू पीना शुरू की तो चेकिंग कर रहे पुलिस कर्मी वहां से चले गए।
इसके बाद संजय सिंह साकची स्थित डीसी ऑफिस पहुंचे। डीसी ऑफिस के ही बगल में एसएसपी ऑफिस भी है। यहां उन्होंने कार रोकी और कार में ही शराब की बोतल गटकने लगे। संजय सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा कि अब वह यहां शराब पी रहे हैं। पुलिस उनके खिलाफ कोई भी केस कर सकती है। यहां शराब पीने का वीडियो बना कर संजय ने सोशल मीडिया पर डाल दिया है। यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है।
अगर नकली रसीद लग रही तो कर सकते हैं शिकायत
संजय का कहना है कि पुलिस ने अपने निजी खाते में जुर्माने के पैसे लिए हैं। इस पर ट्रैफिक डीएसपी का कहना है कि पुलिस कर्मी ने जुर्माने की रकम मिलने के बाद चालक को बाकायदा रसीद दी है। वह पूरा पैसा सरकारी खाते में जमा करेगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। अगर चालक को लगता है कि रसीद नकली है तो वह इस मामले में थाने में शिकायत कर सकते हैं। मामले की जांच करा ली जाएगी।
मामला उनके संज्ञान में है। वीडियो कैसा है, किन हालात में बनाया गया है। पूरा मामला क्या है। इसकी जांच कराई जाएगी। चालक का तीन महीने का लाइसेंस रद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नीरज, डीएसपी ट्रैफिक

