RANCHI: रांची जिला प्रशासन ने गुरुवार को स्वास्थ्य, कल्याण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बैठक हुई। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित अलग-अलग बैठकों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, विकास योजनाओं की प्रगति और माहवारी स्वच्छता जागरूकता को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
सदर अस्पताल सभागार में आयोजित जिला सलाहकार समिति (PC & PNDT) की बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के निबंधन, नवीकरण और संचालन से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। समिति ने 8 नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निबंधन तथा 10 केंद्रों के नवीकरण को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा चिकित्सकों की नियुक्ति, यूएसजी मशीन खरीदने, मशीनों के स्थानांतरण और फॉर्म-बी में प्रविष्टि से जुड़े कई आवेदनों पर भी विचार किया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित अंतराल पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समाहरणालय में आईटीडीए, कल्याण विभाग और जिला परिषद द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में 15वें वित्त आयोग, पीएम-एबीएचआईएम, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी समेत विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को लंबित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भुगतान से पहले योजनाओं का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं, साइकिल वितरण योजना, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना तथा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीवीटीजी ग्राम उत्थान योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण, सरना-मसना स्थलों की घेराबंदी और छात्रावासों के जीर्णोद्धार जैसे कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो अभियान के सातवें चरण का समापन रातू प्रखंड के मुरचू गांव में किया गया। 29 मई से 4 जून तक चले इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित अपशिष्ट निपटान की आदत विकसित करना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने माहवारी के दौरान स्वच्छता, पोषण और सुरक्षित निपटान के महत्व पर जानकारी दी। अभियान के समापन पर महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता की शपथ दिलाई गई तथा विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर वृक्षारोपण भी किया गया।

