
रांची : टाटीसिलवे क्षेत्र में रविवार दोपहर गेल इंडिया की मुख्य गैस पाइपलाइन अचानक फट गई। पाइपलाइन फटने से तेज आवाज और गैस के रिसाव के कारण आसपास के लोग भयभीत हो गए। अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस वजह से शहर के एक बड़े हिस्से में गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।
20 हजार लोग परेशान, बाहर से मंगाना पड़ा खाना
इस घटना का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ा। टाटीसिलवे, खेलगांव, बरियातू, बूटी मोड़, मोरहाबादी और लालपुर जैसे कई प्रमुख इलाकों में आपूर्ति प्रभावित होने से घरों के चूल्हे नहीं जले। करीब 20 हजार से अधिक घरों की रसोई में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई बंद हो गई। अचानक हुई इस समस्या के कारण कई घरों में दोपहर और शाम का खाना नहीं बन सका। मजबूरन लोगों को होटलों, रेस्टोरेंटों से खाना मंगाना पड़ा या फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी का सहारा लेना पड़ा।
कस्टमर केयर से नहीं मिली मदद
गैस सप्लाई बंद होते ही परेशान उपभोक्ताओं ने गेल के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करना शुरू किया। लोगों का आरोप है कि कंपनी की तरफ से उन्हें कोई सही जानकारी या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे उपभोक्ताओं में काफी नाराजगी देखी गई। हालांकि, गेल की तकनीकी टीम ने तुरंत मरम्मत का काम शुरू किया और देर रात जाकर गैस की सप्लाई दोबारा चालू हो सकी।
तालमेल की कमी बनी मुसीबत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर की सड़कों के नीचे पानी, बिजली, केबल और गैस की लाइनें एक साथ बिछी हुई हैं। अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल न होने के कारण जब भी कहीं खुदाई होती है, तो अक्सर गैस पाइपलाइन कट जाती है। यह मुख्य पाइपलाइन बोकारो से रिंग रोड होते हुए टाटीसिलवे के रास्ते रांची आती है। इस हादसे में भारी मात्रा में गैस बर्बाद हुई है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

