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Cyber Security : साइबर खतरों से निपटने को विधायक हों तैयार, विधानसभा में साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर मंथन

साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, सुशासन, आर्थिक गतिविधियों और नागरिकों की निजता से जुड़ा अहम मुद्दा : विधानसभा अध्यक्ष

by Nikhil Kumar
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रांची: डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित जोखिमों के मद्देनजर झारखंड विधानसभा में जनप्रतिनिधियों को जागरूक करने की पहल की गई। शुक्रवार को पुराने झारखंड विधानसभा परिसर में बाल कल्याण संघ, एशिया फाउंडेशन और साइबर पीस के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई। इसका उद्देश्य विधायकों और जनप्रतिनिधियों को साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग तथा डिजिटल युग में उभर रहे साइबर खतरों की जानकारी देना था।

कार्यशाला का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज साइबर सुरक्षा केवल सूचना प्रौद्योगिकी का विषय नहीं है, बल्कि यह सुशासन, आर्थिक गतिविधियों, सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा और नागरिकों की निजता से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में सहायक है, लेकिन इसके सुरक्षित और नैतिक उपयोग के प्रति जागरूक रहना भी उतना ही आवश्यक है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में जनप्रतिनिधियों को नई तकनीकों, साइबर अपराधों के तरीकों, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और साइबर सुरक्षा के उपायों की जानकारी होना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं जनप्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।कार्यशाला में राज्यसभा सदस्य महुआ माजी, विधायक चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह और नवीन जायसवाल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि डिजिटल शासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर सुरक्षा की चुनौतियों को समझना और उनसे निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों का प्रशिक्षित होना आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जोखिम, सरकारी प्रणालियों को सुरक्षित रखने के उपाय, साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश, नागरिकों के आंकड़ों की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं के सुरक्षित संचालन, साइबर हमलों की पहचान और किसी भी साइबर घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यशाला में बाल कल्याण संघ के संस्थापक संजय कुमार मिश्रा, एशिया फाउंडेशन की देश प्रतिनिधि नंदिता बरुआ तथा साइबर पीस के प्रतिनिधि कैप्टन एस.सी. जोशी और नमन जोशी विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विधायक, विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए।

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