
Jamshedpur : जमशेदपुर बंद के दौरान जगह-जगह लोगों ने जबरन दुकानें बंद कराईं। लोगों को धमका कर दुकान बंद करने पर मजबूर किया। कई जगह ऑटो चालकों के साथ मारपीट की गई। इसे लेकर टेल्को थाने में 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन लोगों पर आरोप है कि अवैध मजमा बनाकर आम जनता को डराया-धमकाया और धमकी देकर जबरदस्ती दुकान बंद कराई।
इन लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया गया है। यह एफआईआर जेएनएसी के स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर विश्वजीत मुंडा ने दर्ज कराई है।
टेल्को इलाके में विश्वजीत मुंडा बतौर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। उन्होंने टेल्को थाना पुलिस को बताया कि जमशेदपुर बंद के दौरान शुक्रवार को नाजायज मजमा बनाकर लोग निकले। इनमें 18 लोगों को वह पहचानते हैं। इनको इस मामले में नामजद किया गया है। इसके अलावा, दर्जन भर अज्ञात युवक भी इस कृत्य में शामिल थे।
विश्वजीत मुंडा ने पुलिस को बताया कि नाजायज मजमा बनाने वाले इन प्रदर्शनकारियों ने आम जनता को डराया-धमकाया। लोगों को बाहर निकलने से मना किया। कई दुकानें जबरन बंद करा दीं। टेल्को इलाके में एक सैलून वाला शटर गिरा कर अंदर ग्राहकों का बाल और दाढ़ी बना रहा था। इन युवकों ने शटर खोलकर हंगामा किया और दुकान बंद करा दी। दुकानदार के साथ बदतमीजी की। इसे लेकर जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है उनमें नीरज शर्मा, विकास शर्मा, मुकेश शर्मा, रतन महतो, पप्पू मिश्रा, जितेंद्र राय, राकेश सिंह, पप्पू सिंह उर्फ लंगड़ा, सतीश सिंह, डीडी त्रिपाठी, पुष्पेंद्र मिश्रा, कल्याणी शरण, दीपक पाल उर्फ योगेश पाल, संजय गोराई, कृष्णा बरी, गणेश सोलंकी, अमित सिंह और रूपेश सिंह उर्फ मुन्ना हैं।
यह आरोपी खडंगाझाड़, टेल्को, बिरसानगर, घोड़ाबांधा, तार कंपनी, ग्वाला बस्ती, सेक्टर मार्केट, टेल्को कॉलोनी, राधिका नगर, आम बागान, खड़ंगा झाड़ विकास मैदान आदि इलाके के रहने वाले हैं।
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