
चाईबासा : रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर भारतीय डाक विभाग, पश्चिम सिंहभूम द्वारा आयोजित होने वाली ‘राखी बनाओ और भेजो प्रतियोगिता’ को सफल बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग की बड़ी तैयारी चल रही है। चाईबासा स्थित मुख्य डाकघर में बुधवार को डाक विभाग चाईबासा सब डिवीजन के असिस्टेंट सुपरीटेंडेंट शंकर कुजूर ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को देखते हुए डाकघर कार्यालय ने सरकारी व निजी स्कूलों में एक बेहद अनूठी और भावनात्मक प्रतियोगिता ‘राखी बनाओ और भेजो’ की शुरुआत करने जा रही है। डाक विभाग के कर्मचारी जिले के विभिन्न सरकारी व निजी स्कूलों को चिन्हित कर रही है। यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्कूली छात्राओं की रचनात्मकता को निखारने और उन्हें डाक सेवाओं से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।
डाक विभाग खुद चलकर स्कूलों तक पहुंचेगा
डाक विभाग के कर्मी स्कूल प्रबंधन से समन्वयक स्थापित कर स्कूल में ही प्रतियोगिता कराएंगे। इस प्रतियोगिता में छात्राएं स्वयं से राखी बनाकर प्रस्तुत करेंगी। अगर वह उक्त राखी को कहीं भेजना चाहेगी तो भेज भी सकती है। भेजने की सारी व्यवस्था डाक विभाग करेगा। इस मुहिम की सबसे खूबसूरत बात यह है कि नन्हीं बहनों को अपने भाई के लिए राखी पोस्ट करने के लिए पढ़ाई छोड़कर डाकघरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। डाक विभाग खुद चलकर स्कूलों तक पहुंचेगा।
जेब पर भारी नहीं, भावनाओं से भरा है सफर
डाक विभाग ने इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनने और राखी को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने के लिए बेहद कम शुल्क यानी 70 रुपये तय किया है। डाक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्पीड पोस्ट का सरकारी शुल्क 55 रुपये, स्पेशल वाटरप्रूफ लिफाफा के लिए 10 रुपये तथा प्रबंधन और एडमिनिस्ट्रेशन के लिए पांच रुपये जमा करना पड़ेगा। डाक विभाग का कहना है कि इस पहल से रेवन्यू में बढ़ोत्तरी होगी तथा बहनों के हुनर को भी नई पहचान मिलेगी।
स्कूल स्तर पर टॉप 10 विजेता छात्राओं को गर्व से भरा “प्रशंसा प्रमाण-पत्र” प्रदान किया जाएगा
डाक विभाग इस अनूठी पहल के तहत स्कूल स्तर पर टॉप 10 विजेता छात्राओं को गर्व से भरा “प्रशंसा प्रमाण-पत्र” प्रदान करेगा। डाक विभाग के इस पहल से बेटियों का मनोबल बढ़ेगा। बेटियां पढ़ने के साथ अलग से कुछ हुनर भी सिखेंगे, ताकि भविष्य में काम आएं। छात्राएं स्कूल परिसर में ही अपनी सहेलियों के साथ बैठकर रंग-बिरंगे धागों से राखी बनाएंगी और वहीं मौजूद शाखा डाकपाल के जरिए उसे सीधे स्पीड पोस्ट से अपने भाइयों या प्रियजनों को भेज सकेंगी। डाक विभाग के कर्मी इस अभियान को सफल बनाने में जुट गए हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह अभियान न केवल रक्षाबंधन पर्व को यादगार बनाएगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और डाक विभाग की जनसेवा की भावना को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

