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Giridih Crime News : सीरियल ब्लास्ट कर उड़ा दी थी पुलिस लाइन की बिल्डिंग, बहुत हैं माओवादी अजय के कारनामे के किस्से, 240 कांडों में आरोपी

by Kanchan Kumar
Maoist leader Ajay Mahto, alias Tiger, in Jharkhand a
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​गिरिडीह : गिरिडीह और आस-पास के जिलों में दहशत पर्याय था कुख्यात माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ मोछू। उसकी गिरफ्तारी की चर्चा इन दिनों आम है। 5 फीट 3 इंच का कद, कड़क मूंछें और गंभीर चेहरा—यह उसकी पहचान थी। उसके नाम से ही लोग कांप उठते थे। 240 से ज्यादा मामलों में आरोपी अजय महतो से जुड़ी दो बड़ी वारदातें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। ​22/23 जुलाई 2012 में गिरिडीह के पपरवाटांड में नई पुलिस लाइन की बिल्डिंग का काम तेजी से चल रहा था। आस-पास के लोग खुश थे कि पुलिस लाइन बनने से यह इलाका सुरक्षित हो जाएगा।

​लेकिन तभी रात के अंधेरे में नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता हथियारों के साथ वहां पहुंचा। गिरिडीह-डुमरी रोड पर एक के बाद एक 8 बम धमाके किए। इन धमाकों में पुलिस लाइन की निर्माणाधीन बिल्डिंग पूरी तरह तबाह हो गई और एक मजदूर की जान चली गई। जांच में साफ हुआ कि इस पूरी साजिश के पीछे अजय महतो और उसका दस्ता ही था।

​बम धमाके में ली थी 5 सुरक्षाकर्मियों की जान

​इससे पहले 4 अगस्त 2010 की शाम गिरिडीह-डुमरी रोड पर एक और बड़ी घटना हुई थी। पीरटांड इलाके के पुरनानगर में एक निर्माणाधीन पुल के पास नक्सलियों ने बारूदी सुरंग बिछाई थी। ​जैसे ही वहां से एक बैंक की कैश वैन गुजरी, नक्सलियों ने जोरदार ब्लास्ट कर दिया। इस हमले में कैश वैन के परखच्चे उड़ गए और सुरक्षा में तैनात एसआईएस के 5 गार्ड शहीद हो गए। इस खौफनाक हमले के पीछे भी पुलिस ने अजय महतो को ही मुख्य मास्टरमाइंड बताया था।

अजय पहुंचा तो किसी न किसी का विकेट गिरना तय

​पारसनाथ ​क्षेत्र के लोग बताते हैं कि जब नक्सलवाद चरम पर था, तब पीरटांड, डुमरी और निमियाघाट के लोग खौफ के साए में रहते थे। कहा जाता था कि अजय के आने का मतलब है कि किसी न किसी का विकेट गिरेगा। लोगों की नींद हराम हो जाती थी। समझ नहीं पाते थे किसके लिए आज की रात जीवन की अंतिम रात होगी। उसके खौफनाक कारनामे के किस्से बहुत हैं।

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