
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित डिमना लेक के पास तालाब में बड़ा हादसा हो गया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना गुरुवार को रात करीब 2 बजे हुई। इस हादसे में सोनारी निवासी डॉ. यश किसी तरह तैरकर बाहर निकल गए। उन्होंने बाहर आते ही कॉलेज के अधीक्षक डॉ. बलराम झा को इसकी सूचना दी, जिसके बाद बोड़ाम थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। तत्काल स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। तालाब काफी गहरा होने के कारण गोताखोरों को भी परेशानी हुई।

शुक्रवार को सुबह करीब 8.30 बजे तक दोनों डॉक्टरों का शव निकाला जा सका। इस बीच डिमना लेक के पास काफी भीड़ जुट गई थी, जिसमें मेडिकल कॉलेज के छात्र, शिक्षक, परिजन व शुभचिंतक के अलावा स्थानीय ग्रामीण भी शामिल थे।

बताया जाता है कि इस तालाब को प्रतिबंधित घोषित किया गया है। जानकारी के अभाव में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 2020 बैच के काशीडीह निवासी डॉ. समीर लाल, डाल्टनगंज निवासी सक्षम सिंह व सोनारी निवासी डॉ. यश गुरुवार की रात घूमने के लिए डिमना लेक आए थे। इसी दौरान वे तालाब के बगल में बैठे थे। इसी बीच डॉ. समीर का मोबाइल फोन पानी में गिर गया, जिसे निकालने के लिए डॉ. समीर पानी में उतरे तो गहराई में जाने लगे, उन्हें बचाने के लिए डॉ. सक्षम भी उतरे, तो पीछे से डॉ. यश भी पानी में गए। डॉ. यश को तैरना आता था, जिससे वे बच गए। तीनों छात्र यहां कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
इस दुखद घटना से पूरे एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में मातम पसर गया है। कॉलेज के अन्य छात्र और फैकल्टी भी गहरे सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद बोड़ाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। पटमदा के डीएसपी दयानंद कुमार ने बताया कि परिजन शवों का पोस्टमॉर्टम नहीं कराना चाहते थे, लेकिन उन्हें समझा-बुझाकर पोस्टमॉर्टम कराया गया।

