
रांची : झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही जैसी भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ अब सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य के युवाओं और छात्रों की आवाज़ बुलंद करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार को दिल्ली स्थित संसद परिसर में राष्ट्रपिता गांधी की प्रतिमा के सामने भाजपा सांसदों ने मौन उपवास रखकर अपना विरोध जताया। इस प्रदर्शन की अगुवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने की। उनके साथ सांसद बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह भी मौन धरने पर बैठे। सांसदों ने मांग की है कि सभी परीक्षाओं में धांधली की निष्पक्ष जांच हो और गुनहगारों को सख्त सजा मिले।
शाम को मशाल जुलूस, कल हर ज़िले में धरना
संसद में प्रदर्शन के बाद आदित्य साहू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य अधर में लटका है और भाजपा इस घड़ी में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने ऐलान किया कि आंदोलन को तेज़ करने के लिए 31 जुलाई की शाम राज्य के सभी 24 ज़िलों में मौन मशाल जुलूस निकाला जाएगा। वहीं 1 अगस्त को हर ज़िला मुख्यालय पर भाजपा ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन करेगी। साहू ने कहा कि हम युवाओं को यह अहसास कराना चाहते हैं कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।
बारिश में भी सड़कों पर हैं छात्र, लेकिन सो रही है सरकार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के छह साल के शासनकाल में पेपर लीक और धांधली की बाढ़ सी आ गई है। 14वीं जेपीएससी परीक्षा में भी भारी गड़बड़ियां हुईं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। उन्होंने कहा कि राज्य के नौजवान तेज बारिश और सीमित साधनों के बावजूद दिनों से सड़कों पर डटे हैं, फिर भी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में युवाओं उसका दोहरा चेहरा बेनकाब हो गया है।
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