
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा की ओर से सामाजिक सेवा एवं शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय चाईबासा में विद्यालय द्वारा चिन्हित 32 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं के बीच रेनकोट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को वर्षा ऋतु में भी बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
शिक्षा किसी भी बच्चे का अधिकार
इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा के अध्यक्ष रोटेरियन अमित पोद्दार ने कहा कि, शिक्षा किसी भी बच्चे का अधिकार है। कई विद्यार्थी लगातार बारिश में भी पूरी तरह भीगकर विद्यालय पहुंचते हैं, लेकिन उनकी पढ़ने की लगन कम नहीं होती। ऐसे बच्चों के जज्बे को सम्मान देने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए रोटरी क्लब ने उन्हें रेनकोट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा केवल संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे।
विद्यालय की शिक्षिका दीप्ति सिन्हा की संवेदनशील पहल से ऐसे बच्चों की पहचान हुई, जो रेनकोट के अभाव में प्रतिदिन भीगते हुए विद्यालय आते थे तथा आर्थिक स्थिति के कारण स्वयं रेनकोट खरीदने में असमर्थ थे। विद्यालय की प्रधानाचार्या रश्मि अलडा के सहयोग से ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार की गई, जिसके बाद रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा ने तत्परता दिखाते हुए सभी 32 विद्यार्थियों को रेनकोट उपलब्ध कराया।
इस सेवा कार्य के प्रायोजक रोटेरियन मदन लाल गुप्ता, रोटेरियन विवेक शर्मा, रोटेरियन सुनीत खिरवाल, डॉ. वीणा मूंधड़ा एवं रोटेरियन संदीप दोदराजका रहे, जिनके सहयोग से यह मानवीय पहल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम को सफल बनाने में रोटेरियन महेश खत्री, विद्यालय प्रबंधक माधवेंद्र कुईला, विनोद कुमार ओझा एवं श्रावंति दास का सराहनीय योगदान रहा।
रोटरी क्लब भविष्य में भी जनकल्याणकारी कार्य निरंतर करता रहेगा
कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा ने यह संदेश दिया कि यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति किसी एक जरूरतमंद बच्चे की शिक्षा और आवश्यकताओं की जिम्मेदारी उठाए, तो हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की उड़ान भर सकता है। रोटरी क्लब भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज सेवा से जुड़े ऐसे जनकल्याणकारी कार्य निरंतर करता रहेगा।


