Home » Bagbera Water Plant : CBI करे बागबेड़ा जलापूर्ति प्लांट के अधूरे निर्माण की जांच, कब मिलेगा लोगों को पानी

Bagbera Water Plant : CBI करे बागबेड़ा जलापूर्ति प्लांट के अधूरे निर्माण की जांच, कब मिलेगा लोगों को पानी

बागबेड़ा महानगर समिति ने उठाई मांग, समिति का कहना है कि बागबेड़ा और छोटा गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना को वर्ष 2014 में विश्व बैंक, केंद्र और राज्य सरकार से स्वीकृति मिली थी। योजना के लिए करीब 237.21 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है।

by Mujtaba Haider Rizvi
bagbera water plant jamshedpur
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : बागबेड़ा महानगर विकास समिति ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना और बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना में लंबे समय से हो रही देरी को लेकर बागबेड़ा में आक्रोश बढ़ रहा है। समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने दोनों योजनाओं की वित्तीय और तकनीकी जांच कराने के साथ लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराकर क्षेत्र की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।

समिति का कहना है कि बागबेड़ा और छोटा गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना को वर्ष 2014 में विश्व बैंक, केंद्र और राज्य सरकार से स्वीकृति मिली थी। योजना के लिए करीब 237.21 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है। वहीं, बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के तहत करीब 1,140 घरों तक पानी पहुंचाने और नई पाइपलाइन बिछाने के लिए वर्ष 2010 में लगभग 1.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।

समिति के अनुसार, बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास 18 अप्रैल 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया था। इसके बावजूद योजना का काम वर्ष 2020 में बंद हो गया और निधि समाप्त होने की बात सामने आई। इसके बाद भी समिति की ओर से लगातार धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल और पदयात्रा के माध्यम से योजना को पूरा कराने की मांग की जाती रही। बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना को लेकर भी समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति के अनुसार, वर्ष 2015-16 में फिल्टर प्लांट के मरम्मत कार्य के लिए करीब 21.63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन कार्य अपेक्षित रूप से नहीं हुआ। समिति ने राशि के इस्तेमाल में वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए इसकी जांच की मांग की है।

समिति के मुताबिक, वर्ष 2022 में दोनों योजनाओं को पूरा कराने के लिए दिल्ली लोकसभा घेराव के उद्देश्य से जमशेदपुर से पदयात्रा शुरू की गई थी। 25 मार्च 2022 को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी। इस दौरान योजनाओं के लिए राशि स्वीकृत कर निर्धारित समय में कार्य पूरा कराने का लिखित आश्वासन दिया गया था। इसके बाद बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए करीब 50.58 करोड़ रुपये और बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के फिल्टर प्लांट के पुनर्निर्माण तथा 1,140 घरों तक जलापूर्ति के लिए करीब 1.88 करोड़ रुपये की राशि जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत किए जाने की जानकारी समिति ने दी है।

कई साल पहले गुजर चुकी है निर्धारित सीमा

समिति का आरोप है कि इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा गुजर जाने के बाद भी दोनों योजनाएं पूरी तरह चालू नहीं हो सकी हैं। क्षेत्र के कई लोग आज भी नियमित और स्वच्छ पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। बार-बार पानी चालू करने की तारीख तय किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। सुबोध झा ने उपायुक्त से मांग की है कि दोनों योजनाओं का स्थल निरीक्षण कराया जाए और वर्ष 2010 से अब तक स्वीकृत, आवंटित, प्राप्त और खर्च की गई राशि का विशेष वित्तीय ऑडिट कराया जाए। इसके साथ ही टेंडर, कार्यादेश, माप पुस्तिका (एमबी), बिल, भुगतान विवरण, उपयोगिता प्रमाण-पत्र, गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और पूर्णता प्रमाण-पत्र की भी जांच की जाए।

समिति ने जनता से लिए गए एक प्रतिशत अंशदान समेत सभी निधियों के उपयोग का स्वतंत्र सत्यापन कराने की मांग की है। यदि जांच में सरकारी राशि के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों, संवेदकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र सक्षम जांच एजेंसी से जांच कराने की अनुशंसा करने की भी मांग की है। साथ ही दोनों योजनाओं के अधूरे कार्यों के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने और बागबेड़ा क्षेत्र में तत्काल अंतरिम पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

Read also Jamshedpur Crime : रंगदारी नहीं देने पर चापड़ से हमला, पिस्तौल दिखाकर धमकी देने का आरोप; पुलिस से शिकायत

Related Articles

Leave a Comment