
कोडरमा: सतगावां प्रखंड के नावाडीह गांव में बुधवार को एक महिला अपनी बेटी को लेकर नदी में बर्तन धोने गई थी। इस बीच बरमसी नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो गई। मां बेटी पानी की तेज धार में फंस गई। महिला तो किसी तरह निकल गई। लेकिन तीन साल की मासूम बच्ची नदी में बह गई। डूबने से बच्ची की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पहाड़ी इलाकों से अचानक बढ़ा पानी का दबाव
मिली जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले सुधीर कुमार राय की पत्नी मधु देवी घर के बर्तन साफ करने के लिए पास की बरमसी नदी गई थी। उनकी तीन साल की बेटी माही कुमारी भी उनके साथ चली गई। मधु देवी काम कर ही रही थी कि अचानक पहाड़ी इलाकों से बहकर आया पानी नदी में तेजी से बढ़ गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, नदी की तेज धार नन्हीं माही को अपने साथ बहा ले गई।
5 किलोमीटर दूर मिला बच्ची का शव
मासूम को डूबता देख मां के चिल्लाने पर पास मौजूद लोग और ग्रामीण तुरंत नदी की तरफ दौड़े। लोगों ने बच्ची को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बच्ची देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने नदी के किनारे-किनारे तलाश शुरू की। घटना स्थल से लगभग 5 किलोमीटर दूर पानी में बहता हुआ बच्ची का शव बरामद हुआ।
प्रशासन ने दी चेतावनी
स्थानीय लोगों का कहना है कि नावाडीह इलाका जंगलों और पहाड़ियों से घिरा है। यहां थोड़ी सी भी बारिश होने पर पहाड़ों का पानी अचानक नदियों में आ जाता है, जिससे सूखी या कम पानी वाली नदियां भी कुछ ही मिनटों में उफान पर आ जाती हैं। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में नदी किनारे जाने से बचें और बच्चों का खास ख्याल रखें।
Read Also:
*Hazaribagh News: हजारीबाग में नदी की तेज धार में समा गया युवक! तलाश में जुटी पुलिस और तैराक की टीम *

