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Palamu News: पलामू में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की बड़ी कार्रवाई, तीन दशक पुराने घोटाले में छह गिरफ्तार

by Mujtaba Haider Rizvi
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Palamu : सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पलामू में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की पलामू इकाई ने गुरुवार को छतरपुर, नौडीहा बाजार और चैनपुर थाना क्षेत्रों में एक साथ मैराथन छापेमारी करते हुए करीब तीन दशक पुराने सड़क और कूप निर्माण घोटाले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपितों में सेवानिवृत्त लोक सेवक और योजना से जुड़े ठेकेदार शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपित मौके से फरार होने में सफल रहे। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को पलामू प्रमंडलीय एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद मेडिकल जांच कराकर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसीबी के डीएसपी सुदर्शन आस्तिक ने कार्रवाई की पुष्टि की है।

 1990 के दशक की सड़क और कूप निर्माण योजनाओं में गड़बड़ी

मामला अविभाजित बिहार के समय की सरकारी योजनाओं से जुड़ा है। वर्ष 1994-96 के आसपास छतरपुर और नौडीहा बाजार क्षेत्र में सड़क, कूप और ग्रामीण आधारभूत संरचना से संबंधित कई योजनाएं संचालित की गई थीं। आरोप है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितता बरती गई और सरकारी राशि के दुरुपयोग की शिकायत सामने आई।

शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई। वर्ष 2016 में मामला एसीबी के पास पहुंचा। इसके बाद एजेंसी ने योजनाओं से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत सेवकों और संवेदकों की भूमिका की विस्तृत जांच की।

 डेढ़ दर्जन आरोपित, छह की गिरफ्तारी

जांच के दौरान मामले में करीब डेढ़ दर्जन लोगों की संलिप्तता सामने आई। इनमें तत्कालीन सरकारी कर्मचारी, पंचायत सेवक और योजना से जुड़े संवेदक शामिल हैं। गुरुवार को एसीबी की टीम ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

कई घंटे चली कार्रवाई के बाद छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में छतरपुर थाना क्षेत्र के खाटीन निवासी महेश प्रसाद गुप्ता उर्फ भोला व्यास और नौडीहा बाजार निवासी रामचंद्र यादव उर्फ चनर यादव समेत तत्कालीन पंचायत सेवक शामिल हैं। संबंधित पंचायत सेवक अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

खाटीन की सड़क और गोपलापुर के कूप निर्माण की जांच

मामले का एक हिस्सा वर्ष 1994 में खाटीन में जामा मस्जिद से स्वर्गीय कार्तिक ठाकुर के घर तक करीब 650 मीटर लंबी ईंट सोलिंग सड़क निर्माण से जुड़ा है। इस योजना की अनुमानित लागत करीब 96 हजार रुपये थी।

आरोपित संवेदक की ओर से सड़क निर्माण कराया गया था। बाद में तत्कालीन एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगा। इसके बाद तत्कालीन बीडीओ, पंचायत सेवक, संवेदक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

इसी तरह नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के गोपलापुर में कूप निर्माण योजना भी जांच के दायरे में आई। कूप निर्माण का काम रामचंद्र यादव को दिया गया था। योजना के अनुसार निर्माण कराए जाने के बावजूद सरकारी राशि के कथित गबन को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी।

 कई आरोपित अब भी फरार

एसीबी की कार्रवाई के बाद मामले में शामिल कई आरोपित अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं, कुछ आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसीबी की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।

करीब तीन दशक पुराने सरकारी योजनाओं से जुड़े इस मामले में एक साथ छह आरोपितों की गिरफ्तारी को पलामू में एसीबी की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित मामले में हुई कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

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