
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम अंतर्गत बंदगांव थाना क्षेत्र में घटित चर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए चक्रधरपुर के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि मृतक बिरसा ओड़ेया की हत्या के संदर्भ में बंदगांव थाने में मृतक का के पत्नी कोइली ओड़ेया के लिखित बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी 19 वर्षीय बिमल ओड़ेया पिता- सोमा ओड़ेया निवासी ग्राम अंगरिया थाना बंदगांव को गिरफ्तार किया। आरोपी रिश्ते में मृतक का भतीजा है।
रुपयों के विवाद और रंजिश में रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिमल ओड़ेया अपने चाचा बिरसा ओड़ेया से पैसों के लेन-देन और लगातार हो रहे आपसी विवादों के कारण काफी क्षुब्ध था। इसी रंजिश के तहत उसने चाचा को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
घटना 5 सितंबर 2026 की रात लगभग 9 से 10 बजे के बीच की है। बंदगांव थाना क्षेत्र के ग्राम खरबाँ स्थित जंगल के समीप पक्की सड़क के किनारे आरोपी ने अपने चाचा पर लोहे की रड से सिर पर जोरदार हमला कर दिया। वार लगते ही बिरसा ओड़ेया जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद आरोपी ने उसी लोहे की छड़ से उनका गला घोंटकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
विशेष छापेमारी दल ने आरोपी को दबोचा
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इस दल में बंदगांव थाना प्रभारी पवन कुमार चौधरी के साथ पुलिस अवर निरीक्षक नारायण तुबिद, पुलिस अवर निरीक्षक विरेंद्र देव मनीषी, सहायक अवर निरीक्षक विरेंद्र कुमार सिंह एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात के वक्त पहने गए कपड़े और उसका मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को 8 सितंबर 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, वहीं पुलिस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।

