
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज, चाईबासा में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के नव नामांकित विद्यार्थियों के स्वागत एवं परिचय के उद्देश्य से “प्रथम प्रवेश” समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त मनीष कुमार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार शामिल हुए। महाविद्यालय परिवार द्वारा दोनों अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उपायुक्त, उप विकास आयुक्त एवं अन्य उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात, महाविद्यालय की छात्राओं ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर नव प्रवेशित विद्यार्थियों और अतिथियों का अभिनंदन किया। समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनकी उपस्थित अतिथियों और महाविद्यालय परिवार ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इंजीनियरिंग का उद्देश्य समाज की समस्याओं का तकनीकी समाधान खोजना: उपायुक्त
नव नामांकित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा

इंजीनियरिंग कॉलेज में अतिथियों के साथ विद्यार्थी
कि इंजीनियरिंग की शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज और राष्ट्र की समस्याओं का वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधान खोजने की बड़ी जिम्मेदारी भी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कई मुख्य बिंदु रखे।
व्यावहारिक ज्ञान पर बल
कॉलेज जीवन को केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित न रखें; नवाचार (इनोवेशन), अनुसंधान, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान को अपनी शिक्षा का अभिन्न अंग बनाएं।
बदलती तकनीक के साथ अनुकूलन
वर्तमान दौर में तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए विद्यार्थियों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को लगातार अपडेट रखना होगा।
सफलता के मूल मंत्र
अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर सीखने की आदत विकसित करें। सफलता पाने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ निरंतर परिश्रम, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बेहद जरूरी है।
सामाजिक उत्तरदायित्त
अपनी क्षमता और तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए करें।
असफलताओं से सीख
विद्यार्थी जीवन में असफलताएं भी सीखने का अवसर प्रदान करती हैं। किसी भी चुनौती से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अपने सपनों को स्पष्ट लक्ष्य में बदलें और नियमित प्रयास से उन्हें साकार करें।

चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थी
नवाचार और निरंतरता ही सफलता की कुंजी: उप विकास आयुक्त
समारोह में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने नव नामांकित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश उनके जीवन के एक नए और अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत है।
उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में किताबी ज्ञान के अलावा समस्या समाधान की क्षमता, टीमवर्क, संवाद कौशल कम्युनिकेशन स्किल्स और नवाचार की सोच अत्यंत महत्वपूर्ण है।
केवल कक्षा की पढ़ाई तक सीमित न रहकर प्रोजेक्ट, प्रयोग, नवाचार गतिविधियों और विभिन्न तकनीकी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में नए कौशल सीखने और अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन रखने की आवश्यकता है।सफलता की यात्रा में आत्मविश्वास और निरंतरता की अहम भूमिका होती है। अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य तय कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ें। कॉलेज जीवन के अवसरों का सकारात्मक उपयोग कर अपने भविष्य को मजबूत आधार दें।

कार्यक्रम के दौरान नृत्य करती छात्राएं
राष्ट्रगान के साथ हुआ समारोह का समापन
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार द्वारा नए विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से विस्तार से परिचित कराया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्साहपूर्ण और यादगार बना दिया।समारोह का औपचारिक समापन ‘राष्ट्रगान’ के साथ किया गया। इस अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य, टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिनिधि, महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, नव नामांकित विद्यार्थी तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अंत में, सभी नव प्रवेशित विद्यार्थियों के उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य की कामना की गई।
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