
रांची : झारखंड में रेलवे यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में स्टेशन का अनुभव पहले से अलग हो सकता है। रांची रेल मंडल के कई छोटे और बड़े स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने की प्रक्रिया चल रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मंडल के 17 स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने के लिए करीब 170 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कहीं निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, तो कुछ स्टेशनों पर काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। शेष स्टेशनों के लिए भी अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है।

योजना में पिस्का, लोहरदगा, ओरगा, बानो, गोविंदपुर रोड, बालसरिंग, नामकुम, टाटीसिलवे, गंगाघाट, सिल्ली, मुरी, रामगढ़ कैंट, झालदा, सुईसा और तुलिन समेत कुल 17 स्टेशन शामिल हैं। इनमें पांच स्टेशनों पर निर्धारित विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। पिस्का, गोविंदपुर रोड और मुरी स्टेशन का उद्घाटन भी हो चुका है।
अमृत भारत स्टेशन योजना से बदलेगा यात्रियों का अनुभव
रेलवे स्टेशनों के विकास का फोकस केवल भवन की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से लेकर ट्रेन पकड़ने तक बेहतर सुविधा देने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास को व्यवस्थित किया जा रहा है, जबकि यात्रियों के बैठने और ट्रेन का इंतजार करने के लिए बेहतर प्रतीक्षालय और लाउंज तैयार किए जा रहे हैं।

जहां जरूरत है, वहां लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिजिटल सूचना पट्ट के जरिए ट्रेन से संबंधित जानकारी देने की व्यवस्था की जा रही है। फुट ओवरब्रिज को चौड़ा करने के साथ दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पार्किंग और स्टेशन के आसपास वाहनों की आवाजाही के लिए परिसंचरण क्षेत्र को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
रांची मंडल के पांच स्टेशनों पर पूरा हो चुका है काम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल मंडल में अब तक पांच स्टेशनों का निर्धारित विकास कार्य पूरा हो चुका है। पिस्का, गोविंदपुर रोड और मुरी में काम पूरा होने के बाद उद्घाटन भी किया जा चुका है। इन तीनों स्टेशनों की भौतिक प्रगति 100 प्रतिशत दर्ज की गई है।

रामगढ़ कैंट स्टेशन पर करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य पूरा किया गया है। लोहरदगा स्टेशन के लिए करीब 3.78 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत कार्य पूरे हो चुके हैं। इस तरह योजना के तहत चिन्हित 17 स्टेशनों में से पांच अब विकास के निर्धारित चरण को पूरा कर चुके हैं।
ओरगा, बानो और बालसरिंग में तेजी से चल रहा निर्माण
जिन स्टेशनों पर काम जारी है, उनमें ओरगा, बानो और बालसरिंग प्रमुख हैं। ओरगा में करीब 8.37 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन विकास का काम किया जा रहा है। बानो स्टेशन के लिए लगभग 10.17 करोड़ रुपये और बालसरिंग के लिए भी करीब 10.17 करोड़ रुपये की राशि से कार्य चल रहा है।
इन स्टेशनों पर निर्माण का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पूरे स्टेशन परिसर को अधिक व्यवस्थित बनाना है। कई जगहों पर काम अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।
2026-27 तक कई स्टेशनों पर पूरा होगा काम
रांची रेल मंडल ने अलग-अलग स्टेशनों के विकास के लिए लक्ष्य तिथि तय की है। सुईसा स्टेशन पर करीब 10.43 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा काम सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। तुलिन स्टेशन के विकास पर लगभग 8.63 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा रखी गई है।
नामकुम स्टेशन को विकसित करने में करीब 3.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यहां का काम 30 मई 2027 तक पूरा करने की योजना है। सिल्ली स्टेशन पर लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

झालदा स्टेशन पर करीब 8.63 करोड़ रुपये का विकास कार्य चल रहा है। इसे जुलाई 2027 तक पूरा करने की योजना है। टाटीसिलवे स्टेशन के लिए करीब 4.68 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित है और यहां का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टेशन के बाहर भी सुधरेगा आवागमन
स्टेशन पुनर्विकास की योजना में यात्रियों की आवाजाही को स्टेशन की चारदीवारी के भीतर तक सीमित नहीं रखा गया है। स्टेशन परिसर के आसपास यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बेहतर पार्किंग, वाहनों के आवागमन और यात्रियों के प्रवेश-निकास के लिए सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किए जा रहे हैं।
इसका उद्देश्य स्टेशन के आसपास होने वाली भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करना है। साथ ही पैदल यात्रियों और दिव्यांग यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
447 करोड़ रुपये से रांची स्टेशन का होगा बड़ा विस्तार
रांची रेल मंडल का सबसे बड़ा बदलाव राजधानी के रांची रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलेगा। स्टेशन के पुनर्विकास पर करीब 447 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भविष्य में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए इसे एक समय में करीब 35 हजार यात्रियों की आवाजाही संभालने के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
रांची स्टेशन पर नई जी+2 मुख्य इमारत तैयार की जा रही है। इसके साथ प्लेटफॉर्म संख्या छह को भी चालू करने की योजना है। यात्रियों को अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा देने के लिए 17 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं।
स्टेशन पर यात्रियों के ठहरने के लिए करीब 100 विश्राम कक्ष विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा आधुनिक हवाई गलियारा और सोने के लिए विशेष कक्ष जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। खानपान की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 2500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला भोजन क्षेत्र तैयार किया जा रहा है।
रांची स्टेशन के पास बनेगा 772 मीटर लंबा सड़क पुल
रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के साथ आसपास के यातायात ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। करीब 25.5 करोड़ रुपये की लागत से 772 मीटर लंबा सड़क ऊपरगामी पुल बनाया जा रहा है।
यह पुल स्टेशन के उत्तर और दक्षिण हिस्से के बीच संपर्क को बेहतर करेगा। इसके बनने से स्टेशन के आसपास वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना को स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
355 करोड़ रुपये से बदलेगा हटिया स्टेशन का स्वरूप
रांची के बाद हटिया रेलवे स्टेशन का भी बड़े पैमाने पर कायाकल्प किया जा रहा है। इसके आधुनिकीकरण और पुनर्विकास के लिए करीब 355 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यहां पांच मंजिला नई स्टेशन इमारत तैयार की जा रही है।

