
गिरिडीह : राधास्वामी संगठन द्वारा चलाए जा रहे फर्जीवाड़े और वित्तीय हेरफेर की कड़ियां अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच चुकी हैं। बिहार और झारखंड के कई जिलों में हजारों लोगों को शिकार बनाने वाले इस गिरोह पर अब केंद्रीय एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। ईडी की पटना शाखा ने दोनों राज्यों के अलग-अलग थानों में दर्ज एफआईआर, बैंक स्टेटमेंट और अचल संपत्तियों की फाइलें खंगालना शुरू कर दिया है।
सस्ते दामों का झांसा और धर्म के नाम पर धोखा
इस पूरे खेल की नींव वर्ष 2010 में एक एनजीओ के रूप में रखी गई थी। लोगों का भरोसा जीतने के लिए संगठन का नाम एक मशहूर धार्मिक संस्था जैसा रखा गया। इसके बाद गाड़ियों, मकानों, फ्लैटों और रोजमर्रा के सामान पर 40 से 90 फीसदी तक भारी छूट (सब्सिडी) देने का लालच देकर निवेश कराया गया। कुछ महीनों तक लोगों को लुभाने के लिए किस्तें या ब्याज दिया गया, फिर दफ्तरों पर ताले लटकाकर मास्टरमाइंड फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि 2010 से 2025 के बीच गिरोह ने लगभग 10 से ज्यादा राज्यों में अपना फर्जी नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
कागजी कंपनियों और खातों का पेचीदा जाल
एजेंसियों को जांच में पता चला कि निवेशकों से नकदी और चेक के जरिए जो मोटी रकम वसूली जाती थी, उसे एनजीओ में न रखकर 'RSOG' नाम से बनाई गई फर्जी शेल कंपनियों के बैंक खातों में डायवर्ट किया जाता था। वहीं, निवेशकों को भरोसा देने के लिए एनजीओ के लेटरहेड पर ही अनुबंध और चेक दिए जाते थे। ईडी अब इन्हीं मुखौटा कंपनियों और फर्जी बैंकिंग ट्रेल को ट्रैक कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी के पैसों से कहां-कहां जमीनें और संपत्तियां खरीदी गईं।
छापेमारी में नोट गिनने की मशीनें बरामद
गिरिडीह के पचंबा थाने में दर्ज मामलों के आधार पर पुलिस पहले ही संगठन के राज्य प्रभारी मुकेश कुमार सिन्हा, उनकी पत्नी अनीशा सिन्हा समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी के घर और दफ्तर की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और नोट गिनने की मशीन तक बरामद हुई है। इसके अलावा आरोपियों से जुड़े बंधन बैंक के पांच प्रमुख खातों में जमा-निकासी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
मामले की जांच कर रही टीमें अब संगठन के मुख्य सूत्रधार और राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कुमार शर्मा की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, जो फिलहाल फरार चल रहा है। ईडी के इस मामले में हाथ डालने के बाद आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।
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