
रांची : झारखंड में सितंबर के अंतिम दिनों में हुई लगातार बारिश के बाद अब मौसम की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता कम हुई है और फिलहाल भारी बारिश का दौर थमता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज झारखंड के कुछ जिलों में ही कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। राज्य में भारी बारिश को लेकर फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को राज्य के नौ जिलों में छिटपुट बारिश की संभावना है। इन जिलों में चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, झारखंड के अन्य जिलों में बारिश की संभावना काफी कम रहने का अनुमान है।
झारखंड के 9 जिलों में आज हल्की बारिश
1 अक्टूबर को चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश व्यापक रूप से होने के बजाय कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रहने की संभावना है। कई इलाकों में आसमान में बादल भी दिखाई दे सकते हैं।
राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में बादल और बारिश का असर बना हुआ था, वहां अब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है।
आज झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग ने झारखंड के लिए भारी बारिश की कोई राज्यस्तरीय चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण गरज के साथ हल्की बौछार पड़ सकती है। कहीं-कहीं बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है।
लगातार बारिश के बाद बारिश की गतिविधियों में आई कमी का असर राज्य के ज्यादातर हिस्सों में दिखाई देने लगा है। फिलहाल बहुत तेज बारिश या व्यापक स्तर पर भारी वर्षा की स्थिति बनने का अनुमान नहीं है।
4 अक्टूबर तक झारखंड में कैसा रहेगा मौसम
1 से 4 अक्टूबर के बीच झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की मौसमी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस अवधि में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बौछार पड़ने की संभावना बनी रहेगी, लेकिन व्यापक और तेज बारिश की संभावना कम है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान बारिश पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश की तुलना में अक्टूबर की शुरुआत में वर्षा की तीव्रता कम रहने का अनुमान है।
भारी बारिश की गतिविधि कमजोर होने से राज्य में बड़े पैमाने पर जलजमाव जैसी स्थिति बनने की संभावना भी फिलहाल कम है। हालांकि, जिन स्थानों पर पहले से पानी जमा है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार असर बना रह सकता है।
5 अक्टूबर से झारखंड में मानसून की वापसी संभव
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावित तारीख 5 अक्टूबर के आसपास है। मानसून की वापसी के साथ राज्य में वर्षा की गतिविधियों में धीरे-धीरे और कमी आने की संभावना रहती है।
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मुख्य मौसम जून से सितंबर तक माना जाता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में साल की प्रमुख बारिश होती है। हालांकि, मानसून की वापसी के बाद भी अक्टूबर और उसके बाद के महीनों में पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय मौसमी परिस्थितियों या अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
फिलहाल 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर के बीच झारखंड में भारी बारिश की स्थिति नहीं बनने का अनुमान है। हालांकि, नौ जिलों में हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव जारी रह सकता है।

