
Seraikela : तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए जिला तंबाकू नियंत्रण टीम ने बुधवार को सीनी ओपी क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। इस दौरान करीब 20 दुकानों की जांच की गई।
उपायुक्त और सिविल सर्जन के निर्देश पर जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार अशोक यादव के नेतृत्व में टीम ने दुकानदारों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 (सीओटीपीए) और झारखंड संशोधित अधिनियम-2021 के प्रावधानों की जानकारी दी।
जांच के दौरान विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित नियमों की जांच की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि निर्धारित 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ की बिक्री नहीं करें।
टीम ने दुकानदारों को हैंडबिल और पंपलेट देकर तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर अनिवार्य स्वास्थ्य चेतावनी और चेतावनी चित्र से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। खुले में सिगरेट की बिक्री को भी निर्धारित स्वास्थ्य चेतावनी से जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया गया।
होटल संचालकों और प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानक के अनुसार ‘गैर-धूम्रपान क्षेत्र’ का बोर्ड या दीवार लेखन प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। टीम ने कहा कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीओटीपीए-2003 के तहत कार्रवाई और जुर्माना किया जा सकता है।
जिला तंबाकू नियंत्रण टीम के अनुसार शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और न्यायालय परिसरों के आसपास तंबाकू नियंत्रण नियमों के अनुपालन को लेकर जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के साथ तंबाकू मुक्त और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देना है।
अभियान के दौरान लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान की जानकारी भी दी गई। तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग की ओर से परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। सदर अस्पताल में तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र संचालित है, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध है। अभियान में एनटीसीपी सलाहकार के अलावा सीनी ओपी के पुलिसकर्मी और संबंधित कर्मी मौजूद रहे।

