
रांची: जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा धांधली की जांच कर रही सीआईडी की विशेष टीम को अब एक बड़ी कामयाबी मिलने की उम्मीद है। इस बहुचर्चित पेपर लीक सिंडिकेट के प्रमुख कड़ियों में शामिल एजेंट दिलीप कुमार पासवान को शनिवार को अदालत से तीन दिनों की रिमांड पर ले लिया गया है। पुलिस अब इस मुख्य आरोपी को कस्टडी में रखकर उस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है, जिसने परीक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाया था।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ है कि परीक्षा आयोजित होने से ठीक पहले दिलीप पासवान ने चार से पांच परीक्षार्थियों को पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित एक होटल में ठहराया था। वहां अभ्यर्थियों को कमरों में बंद रखकर परीक्षा के संभावित प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए गए थे। सीआईडी के हाथ इस कृत्य के पुख्ता सबूत लगे हैं कि बदले में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ऐंठे गए थे।
अब तीन दिनों की रिमांड के दौरान सीआईडी की प्राथमिकता केवल दिलीप से कबूलनामा हासिल करना ही नहीं, बल्कि इस पूरे गिरोह की मुख्य कड़ियों को आपस में जोड़ना है।
कितने में तय हुआ था पास कराने का ठेका!
जांच अधिकारी उससे यह उगलवाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रश्नपत्र उसके हाथ कैसे लगे, इसका मुख्य सरगना कौन है और पर्दे के पीछे बैठकर पूरे खेल को कौन नियंत्रित कर रहा था। इसके अलावा, अभ्यर्थियों से वसूले गए पैसों के लेन-देन की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। सीआईडी यह पता लगा रही है कि परीक्षा में पास कराने का ठेका कितने में हुआ था और अवैध कमाई की यह रकम किन-किन खातों तथा हाथों तक पहुंची। माना जा रहा है कि दिलीप पासवान के इन तीन दिनों के खुलासों के आधार पर जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो सकती है।

