लखनऊ, स्टेट डेस्क : समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर बधाई दी है। अखिलेश इन दिनों लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगे है। इसी बीच शनिवार को उनका जन्मदिन था। प्रदेश के सभी प्रमुख राजनेताओं ने राजनीतिक मतभेद भूलकर अखिलेश को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इसी बीच लखनऊ के सपा कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर से विपक्षी दलों के भौंहें तन गये। सपा कार्यालय के बाहर लखनऊ में एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है।लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर अखिलेश यादव बूथ, सेक्टर और जोन प्रभारियों से सीधे संवाद कर सागंठनिक तैयारियों का जायजा रहे हैं। इसी बीच पोस्टर को लेकर चर्चा तेज हो गयी है।
जानें किसने लगाया अखिलेश को पीएम बनाने वाला पोस्टर
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर पूरे प्रदेश के सपा कार्याकर्ता बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। सभी उनके अच्छे भविष्य व बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। इसी बीच सपा प्रवक्ता फखरुल हसन की तरफ से नया पोस्टर लगाया गया है। इसमें अखिलेश यादव को बधाई देते हुए लिखा गया है कि देश के भावी प्रधानमंत्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई। ये पोस्टर चर्चा में आ गया है जिसकी सोशल मीडिया में काफी चर्चा हो रही है।अखिलेश यादव के जन्मदिन पर लगाई गई पोस्टर व होर्डिंग में अखिलेश यादव को बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं, जिसमें उन्हें युवा दिलों की धड़कन व सर्व समाज का प्यारा बताया गया है।
विपक्षी एकता के मंच पर दिखे थे अखिलेश
हाल ही में अखिलेश यादव बिहार के पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक में 15 अलग-अलग पार्टियों के प्रमुख के साथ शामिल हुए थे। इसमें एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति बनी थी। ऐसे में नये पोस्टर को चर्चा स्वभाविक है। विपक्षी खेमे से पीएम के चेहरे को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है। सपा समर्थक अखिलेश यादव को चेहरा बनाना चाहते हैं। इस बीच अखिलेश भी लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।

उनकी तरफ से सभी लोकसभा प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्र इन स्तरों पर कमेटियां गठित कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश सपा मुख्यालय को दे दें। पार्टी मुख्यालय के स्तर से हर दिन प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है। लोकसभा के पिछले दो चुनावों के नतीजे सपा के अनुकूल नहीं रहे। सपा और बसपा का गठबंधन भी कोई करिश्मा नहीं दिखा पाया। ऐसे में पार्टी बूथ स्तर पर अपने संगठन को मजबूत कर आगे बढ़ने की रणनीति पर अधिक ध्यान दे रही है।

