
चाईबासा : किताबी दुनिया से बाहर निकलकर असल जिंदगी के अनुभवों से रूबरू होने की दिशा में दिल्ली पब्लिक स्कूल चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड) ने एक बेहद सराहनीय पहल की है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने चाईबासा स्थित बालकुंज अनाथालय का दौरा किया। इस शैक्षणिक व सामाजिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर करुणा, परोपकार और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कारों को मजबूत करना था।
अनाथालय परिसर में कदम रखते ही डीपीएस के विद्यार्थियों ने वहां रह रहे बच्चों के साथ दिल खोलकर वक्त बिताया। इस दौरान बच्चों ने महसूस किया कि समाज के हर एक बच्चे को प्यार, बराबरी और अपनापन मिलने का पूरा अधिकार है। इस मुलाकात को और सार्थक बनाते हुए विद्यार्थियों ने अपने घरों से संजोकर लाई गई जरूरी चीजें, जैसे कपड़े और अनाज, अनाथालय के बच्चों को भेंट कीं। स्कूल प्रबंधन की तरफ से भी बच्चों की जरूरत का अन्य सामान सहायता के रूप में प्रदान किया गया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा का दायरा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील होना और दूसरों के दर्द को महसूस करना भी एक बेहतर इंसान बनने की असली सीख है। बालकुंज का यह सफर हर छात्र के लिए दिल को छू लेने वाला और प्रेरणा से भरपूर रहा। इससे बच्चों को यह सिख मिली कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि सेवाभाव और एक साफ दिल की जरूरत होती है।
यह अनूठा कार्यक्रम उप प्राचार्या राजश्री सिंह के साथ-साथ शिक्षक शुभम, कमलजीत, रूमेला मैम और पूरे विद्यालय परिवार के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उप प्राचार्या के मार्गदर्शन से बच्चों का आत्मविश्वास और चेहरे की चमक देखते ही बन रही थी। इस सफल आयोजन पर विद्यालय के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने पूरी टीम को बधाई देते हुए सभी को दीपावली की आत्मीय शुभकामनाएं दीं।

