
Jamshedpur : डायबिटीज यानी मधुमेह आज के समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। बदलती जीवनशैली, खानपान की गलत आदतें, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मोटापा इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। डायबिटीज ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर में ब्लड शुगर यानी रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। शरीर को ऊर्जा देने के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है। इंसुलिन नामक हार्मोन ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तब रक्त में शुगर बढ़ने लगती है।
डायबिटीज मुख्य रूप से टाइप-1 और टाइप-2 होती है। टाइप-1 में शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है, जबकि टाइप-2 में शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता या पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज को जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है।
इस बीमारी में बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अधिक भूख लगना, थकान महसूस होना, वजन कम होना और घाव भरने में देरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि कई लोगों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इसलिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी है।
डायबिटीज के मरीज क्या खाएं?
डायबिटीज के मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, गोभी, खीरा और सलाद शामिल करना चाहिए। दाल, चना, राजमा, अंकुरित अनाज और अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ भी फायदेमंद होते हैं।
रोटी के लिए साबुत गेहूं, जौ और अन्य साबुत अनाज का इस्तेमाल किया जा सकता है। दलिया और ओट्स भी अच्छे विकल्प हैं। अमरूद, सेब, संतरा, नाशपाती और पपीता जैसे साबुत फल सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं। फलों का जूस पीने के बजाय पूरा फल खाना बेहतर है, क्योंकि उसमें फाइबर भी मिलता है।
मरीजों को भोजन की मात्रा और समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए। एक बार में बहुत अधिक खाने के बजाय संतुलित मात्रा में भोजन करना बेहतर होता है। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।
किन चीजों से करना चाहिए परहेज?
डायबिटीज के मरीजों को चीनी, मिठाई, जलेबी, गुलाब जामुन, केक, पेस्ट्री, मीठे बिस्कुट और कोल्ड ड्रिंक से बचना चाहिए। बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद जूस और मीठे पेय पदार्थ भी ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं।
मैदा, सफेद ब्रेड, अत्यधिक मात्रा में सफेद चावल और तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित रखना चाहिए। फास्ट फूड, चिप्स, नमकीन और अत्यधिक वसायुक्त भोजन भी नियमित रूप से खाने से बचना चाहिए। शहद और गुड़ को भी चीनी का सुरक्षित विकल्प नहीं समझना चाहिए, क्योंकि ये भी रक्त में शुगर बढ़ा सकते हैं।
जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी
सिर्फ खानपान पर नियंत्रण रखने से ही डायबिटीज पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती। नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव से बचाव भी महत्वपूर्ण हैं। रोजाना लगभग 30 मिनट पैदल चलना या डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करना फायदेमंद है। वजन को नियंत्रित रखना और नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराना चाहिए।
डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं या इंसुलिन लेना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं बंद करना या उनकी मात्रा बदलना खतरनाक हो सकता है। सही खानपान और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी को बेहतर तरीके से नियंत्रित रखा जा सकता है।
डायबिटीज के मरीज क्या खाएं?
– हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी सब्जियां।
– लौकी, करेला, भिंडी, तोरई और गोभी।
– दाल, चना, राजमा और अंकुरित अनाज।
– साबुत गेहूं, जौ, दलिया और ओट्स।
– अमरूद, सेब, संतरा और पपीता सीमित मात्रा में।
– बिना चीनी वाला दूध और दही।
– बादाम और अखरोट सीमित मात्रा में।
– पर्याप्त मात्रा में सादा पानी।
किन चीजों से करें परहेज?
– चीनी, मिठाई, जलेबी और केक।
– कोल्ड ड्रिंक और मीठे पैकेटबंद जूस।
– मैदा, सफेद ब्रेड और अत्यधिक सफेद चावल।
– समोसा, पकौड़ा और अधिक तली-भुनी चीजें।
– चिप्स, नमकीन और फास्ट फूड।
– अधिक मात्रा में मीठे फल और फलों का जूस।
– शहद और गुड़ को चीनी का सुरक्षित विकल्प समझकर अधिक सेवन करना।
– शराब और तंबाकू से भी बचें।
डायबिटीज के मरीज क्या करें?
– रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें।
– समय पर और संतुलित भोजन करें।
– नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं।
– शरीर का वजन नियंत्रित रखें।
– पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें।
– डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें।
– पैरों की नियमित सफाई और जांच करें।
– पर्याप्त पानी पिएं।
डायबिटीज में क्या नहीं करें?
– लंबे समय तक भूखे न रहें।
– बिना सलाह के दवाएं बंद न करें।
– अपनी मर्जी से इंसुलिन की मात्रा न बदलें।
– मीठे पेय और जंक फूड का नियमित सेवन न करें।
– शारीरिक गतिविधियों से दूरी न बनाएं।
– घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज न छोड़ें।
– ब्लड शुगर की जांच को नजरअंदाज न करें।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानी : भोजन की मात्रा और डाइट मरीज की उम्र, वजन, दवाओं, शुगर लेवल तथा किडनी की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। डाइट चार्ट के लिए डॉक्टर या पंजीकृत डाइटीशियन की सलाह लें।

