
Jamshedpur : जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत घोड़ाबांधा गांव में आदिवासी-मूलवासी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक सोहराय पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ गोड बोंगा की पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न कराने में नायके बाबा विक्टर सोरेन की प्रमुख भूमिका रही।
सोहराय पर्व आदिवासी-मूलवासी समाज की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व किसानों और मवेशियों, विशेषकर गाय-बैलों के बीच अटूट संबंध को दर्शाता है। खेती-किसानी और अन्न उत्पादन में मवेशियों के अमूल्य योगदान के प्रति आभार प्रकट करने के लिए उनकी पूजा की जाती है।
पूजा-अर्चना के बाद गांव में पारंपरिक नृत्य-संगीत और गुरु खुंटव की रस्म के साथ उत्सव का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने पारंपरिक संस्कृति और विरासत को सहेजने का संकल्प लेते हुए पर्व में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान ईश्वर सोरेन, जोगमाझी जीतू मुर्मू, जोगमाझी जगदीश बास्के, रूपेश सोरेन, मुखिया छोटे टुडू, बंसी बेसरा, श्याम टुडू, शिक्षक राम टुडू, रतन बास्के, विष्णु सोरेन, बुलेट बेसरा, मंगल सोरेन, सरकार मार्डी, संतोष बास्के, श्याम सोरेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

