
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अंतर्गत टोकलो हाट बाजार चौक से धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को हटाने और नुकसान पहुँचाने के विरोध में आदिवासी मुंडा समाज द्वारा प्रखंड कार्यालय परिसर में पिछले तीन दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आखिरकार रविवार को समाप्त हो गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी कांचन मुखर्जी के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद, उन्होंने खुद अनशनकारियों को शर्बत पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया।समाज के संरक्षक रामलाल मुंडा ने जानकारी दी कि प्रशासन की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन और आगामी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस आंदोलन को स्थगित किया गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि समाज की मागें पूरी नहीं की गईं, तो न्याय के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन को सौंपा गया 6 सूत्री मांग पत्र
इस दौरान आंदोलनकारियों की ओर से उपायुक्त के नाम संबोधित एक छह सूत्री मांग पत्र बीडीओ कांचन मुखर्जी को सौंपा गया। प्रमुख मांगों में टोकलो में पूर्व सांसद स्व. लक्ष्मण गिलुवा द्वारा स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की मूल प्रतिमा को पूरे विधि-विधान से पुनर्जीवित/स्थापित करना, प्रतिमा व चबूतरे का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों से शुद्धिकरण, स्व. लक्ष्मण गिलुवा की धर्मपत्नी मालती गिलुवा द्वारा इसका अनावरण, इस घटना में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सार्वजनिक रूप से माफी और पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच शामिल है।दूसरी ओर बीडीओ कांचन मुखर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जैसी महान विभूति के नाम पर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि समाज की ओर से मिले मांग पत्र को जिला के वरीय अधिकारियों व उपायुक्त तक पहुँचा दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। इस मौके पर आदिवासी मुंडा समाज के कई गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।
क्या है मांगे
1.मूल प्रतिमा की पुनर्स्थापना: टोकलो हाट बाजार चौक पर पूर्व सांसद स्व. लक्ष्मण गिलुवा द्वारा स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की मूल प्रतिमा को ही यथावत रखा जाए। जो नई प्रतिमा लाई गई है, उसे टोकलो गांव में किसी अन्य उचित स्थान पर विधि-विधान से स्थापित किया जाए, क्योंकि एक ही स्थान पर एक जैसी दो प्रतिमाएं नहीं रखी जाती हैं।
2. शुद्धिकरण और अनावरण: टोकलो बाजार चौक पर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थल एवं चबूतरे का आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार विधिवत शुद्धिकरण कराया जाए। इसके बाद स्व. पूर्व सांसद लक्ष्मण गिलुवा की धर्मपत्नी मालती गिलुवा के हाथों से प्रतिमा का पुनः अनावरण हो तथा शिलापट्ट पर स्व. लक्ष्मण गिलुवा का नाम अंकित किया जाए।
3.दोषियों पर कानूनी शिकंजा: भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने और उसे किसी सुनसान जगह पर फेंकने/स्थापित करने वाले सभी संलिप्त उपद्रवियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
4.सार्वजनिक माफी: आदिवासी मुंडा समाज के खिलाफ अपमानजनक और गलत टिप्पणी करने वाले भारनिया पंचायत के मुखिया पति गंगाराम गागराई द्वारा संपूर्ण मुंडा समाज के समक्ष आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
5. मुंडा रजिस्टर सार्वजनिक हो: पूरे मामले की सच्चाई और पारदर्शिता सामने लाने के लिए टोकलो ग्रामसभा के मुंडा रजिस्टर की मूल प्रति को सार्वजनिक किया जाए।
6.जानलेवा हमले के प्रयास की निष्पक्ष जांच: बीते 06 नवंबर 2026 की रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच, बिना किसी पूर्व सूचना के मुखिया पति गंगाराम गागराई और कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों पर जानलेवा हमला करने का गंभीर प्रयास किया गया। हैरानी की बात यह है कि उस वक्त मौके पर ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट भी गायब थे। इस पूरे गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अंत में समाज की ओर से यह आग्रह किया गया है कि इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशासन तुरंत संज्ञान ले और कानून सम्मत त्वरित कार्रवाई करे।

