
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक अहम मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। न्यायालय ने दोष साबित होने पर आरोपी मुकेश साव को एक साल की सजा के साथ-साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वर्तमान में मुकेश साव चाईबासा जेल में बंद है। उस पर कई मामला दर्ज है। मामला दर्ज होने के कारण जब पुलिस का दबाव बढ़ा तो वह कोर्ट में सरेंडर किया था।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 2 अक्टूबर 2019 की है। चक्रधरपुर थाने के तत्कालीन प्रभारी और पुलिस निरीक्षक गोपीनाथ तिवारी गश्त पर निकले थे, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक गुमटी के भीतर अवैध रूप से गांजा बेचा जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा। तलाशी के दौरान अभियुक्त मुकेश साव पुत्र स्व. रघुनाथ साव, निवासी: आदर्श कॉलोनी, नगर परिषद के पीछे, चक्रधरपुर थाना की गुमटी से 44 पैकेट अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित अनुसंधान करते हुए आरोपी मुकेश साव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले से जुड़े सभी सबूतों को वैज्ञानिक और कानूनी तरीकों से इकट्ठा कर अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।इसी सिलसिले में एनडीपीएस केस संख्या-09/2020 के तहत विचारण चल रहा था। 14 अक्टूबर 2026 को चक्रधरपुर के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त मुकेश साव को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(II)(A) के तहत दोषी करार दिया और एक वर्ष के कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने का यह फैसला सुनाया।
सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने और धमकियां देने वाला मुकेश न्यायिक हिरासत में
चक्रधरपुर के कुख्यात और कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे मुकेश साव ने लंबे समय के बाद आखिरकार कानून के शिकंजे से बचने में असमर्थ होकर अदालत की शरण ले ली है। करीब दस दिनों तक पुलिस की गिरफ्तरी से दूर फरार चल रहे आरोपी ने पोड़ाहाट अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजीएम) के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने यह सरेंडर एक पुराने छिनतई के लंबित मामले में किया है।
पुलिस शिकंजे के डर से टेसुए बहाने पर मजबूर हुआ आरोपी
घटनाक्रम के मुताबिक, बीते 12 से 14 सितंबर के अंतराल में मुकेश साव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ वीडियो प्रसारित किए थे, जिनमें उसने चक्रधरपुर थाना प्रभारी पर गंभीर लांछन लगाए थे। इसके साथ ही उसने मीडिया कर्मियों को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि चक्रधरपुर क्षेत्र में उसके खिलाफ कोई भी समाचार प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं, उसने राज्य के कुख्यात गैंगस्टरों के नाम का धौंस देते हुए खुद को भी अपराध जगत में स्थापित करने की डींगें हाँकी थीं।
पुलिसिया दबिश ने तोड़ा हौसला, तीसरे वीडियो में मांगी माफी
आरोपी के इस प्रकार के खुलेआम गुंडई भरे बयानों और धमकियों को जिला पुलिस प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया था। उसकी धरपकड़ के लिए एक विशेष कार्य बल (स्पेशल टास्क फोर्स) का गठन किया गया था, जो लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस के बढ़ते दबाव और चारों तरफ से घिर जाने के कारण जब उसे अपनी गिरफ्तारी तय दिखने लगी, तो उसने एक और (तीसरा) वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उसका तेवर ढीला पड़ गया और उसने पत्रकारों से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दलील दी कि वह मानसिक अवसाद और अत्यधिक परेशानियों के दौर से गुजर रहा था, जिसकी वजह से उसने आपत्तिजनक बयान दे दिए थे।
कम उम्र में ही अपराध की दुनिया का पक्का खिलाड़ी
कम उम्र होने के बावजूद मुकेश साव का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा और गंभीर रहा है। उसके विरुद्ध स्थानीय थाने में गोलीबारी (फायरिंग), प्रतिबंधित ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार, मारपीट और राहजनी (छिनतई) जैसे कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसे अन्य मामलों में रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

