
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को निर्धारित लाभ एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, आर्थिक सहायता, स्वरोजगार एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, आवास के लिए भूमि की उपलब्धता, बीमा योजनाओं तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से उनके परिवारों को जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को पुनर्वास नीति के प्रावधानों के अनुरूप पात्र लाभुकों को देय लाभ उपलब्ध कराने तथा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आर्थिक सहायता के भुगतान के लिए बैंक संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश
बैठक में राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि एवं आर्थिक सहायता के भुगतान के लिए आवश्यक राशि का आवंटन प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को लाभान्वित किया जाना है। समिति ने संबंधित लाभुकों के बैंक खाता विवरण, आईएफएससी कोड तथा पहचान पत्र की प्रति उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
आत्मसमर्पित नक्सलियों के आश्रितों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र आश्रितों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अथवा सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना सहित संबंधित योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को बीमा योजनाओं से आच्छादित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अनुपालन प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
स्वरोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से पुनर्वास को प्रभावी बनाने पर बल
बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा उनके परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वरोजगार प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक बागवानी का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। समिति ने संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों एवं विभागों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एक सप्ताह के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जिन आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड अब तक नहीं बना है, उनका आधार पंजीकरण शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। पुनर्वास पैकेज के अन्य निर्धारित लाभों को भी पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का उद्देश्य पात्र लाभुकों को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को प्रभावी बनाना है। इस दिशा में सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने और अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में संबंधित पुलिस पदाधिकारीगण, जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं पुनर्वास समिति के अन्य सदस्य उपस्थिति रहे।

