Home » BSF Rescue:सीमा पर बीएसएफ ने दिखाई इंसानियत, गंगा की तेज धार में फंसे 10 बांग्लादेशियों की बचाई जान

BSF Rescue:सीमा पर बीएसएफ ने दिखाई इंसानियत, गंगा की तेज धार में फंसे 10 बांग्लादेशियों की बचाई जान

नदी की धारा में कुछ लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जवानों ने बिना देर किए अपनी स्पीड बोट उतारी और नदी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

by Kanchan Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

​साहिबगंज/ फरक्काः भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और इंसानियत का सबूत दिया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में गंगा की तेज धारा में डूब रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को जवानों ने सुरक्षित बचा लिया। बीएसएफ की 71वीं बटालियन के जवान रघुनाथगंज थाना क्षेत्र के खंडूया इलाके में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उन्हें नदी की धारा में कुछ लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जवानों ने बिना देर किए अपनी स्पीड बोट उतारी और नदी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

​बाढ़ से तबाही के बाद हुआ हादसा

रेस्क्यू किए गए सभी लोग बांग्लादेश के चपैनबाबगंज जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ के दौरान पीड़ितों ने बताया कि उनके गांव में बाढ़ का पानी भर गया था। वे अपनी जान बचाने के लिए नाव से अपने ही देश के किसी सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे थे। रास्ते में गंगा नदी की तेज धारा के कारण उनकी नाव अनियंत्रित होकर डूब गई। पानी के तेज बहाव में तैरते-तैरते वे कब भारतीय सीमा में आ गए, उन्हें इसका अंदाजा ही नहीं लगा।

​तीन परिवारों के सदस्य थे शामिल

बीएसएफ जवानों ने जिन्हें बचाया, वे तीन अलग-अलग परिवारों के सदस्य हैं। इनमें चार पुरुष, चार महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। रेस्क्यू किए गए लोगों में 55 साल के मुहम्मद इब्राहिम शेख, 48 साल के मुहम्मद सौदागर, 22 साल के मुहम्मद रसीद शेख, 26 साल के इब्राम शेख और 30 साल के इंफान बगल हैं। इसके अलावा 55 साल की सखिना बेगम, 26 साल की निलुफर यास्मीन, 22 साल की तानिया खातून तथा दो मासूम बच्चे आलमीन शेख (7) और साबिर शेख (9) भी शामिल हैं।

​कैंप में दी मदद, फिर सकुशल भेजा वापस

नदी से सुरक्षित निकालने के बाद जवान सभी 10 लोगों को अपने बीएसएफ कैंप ले गए। वहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा, भोजन और कपड़े उपलब्ध कराए गए। इसके बाद बीएसएफ के अधिकारियों ने पूरी घटना की जानकारी बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड को दी। सीमा प्रबंधन से जुड़ी तमाम कागजी और आधिकारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी 10 नागरिकों को बांग्लादेशी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।
​अगर बीएसएफ के जवान समय पर कदम नहीं उठाते, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। जवानों की इस तत्परता और मानवीय सोच के कारण तीन परिवारों के 10 लोगों को नई जिंदगी मिल सकी।
Read Also : Jharkhand Crime: एक्टर सोनू सूद का वीडियो दिखा बड़ा फ्रॉड, 42 लोगों से ऐंठे 5.81 करोड़ रुपये 

 

 

Related Articles

Leave a Comment