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Jharkhand Crime: एक्टर सोनू सूद का वीडियो दिखा बड़ा फ्रॉड, 42 लोगों से ऐंठे 5.81 करोड़ रुपये

by Kanchan Kumar
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रांची : जगन्नाथपुर इलाके से एक बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है। यहां ‘राधास्वामी संगठन’ (RSOG) नाम की संस्था ने भारी छूट और कई योजनाओं का लालच देकर 42 लोगों से लगभग 5.81 करोड़ रुपये की जालसाजी कर ली है। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। इस मामले में नामकुम निवासी संतोष कुमार की शिकायत पर 11 सितंबर को पुलिस ने 12 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

​इन्हें बनाया गया है आरोपी

पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक गिरोह में कई राज्यों के लोग शामिल हैं। नामजद आरोपियों में सिमडेगा के बिनू साहू और उनकी पत्नी शकुंतला कुमारी के नाम शामिल हैं। इसके अलावा गढ़वा के दीपक कुमार शर्मा, बिहार के दीपक शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि कुमारी पर भी केस दर्ज हुआ है। बोकारो के अरुण कुमार प्रजापति और रांची निवासी मुकेश सिन्हा, अनीषा सिन्हा, जूली सिन्हा, सतीश कुमार शर्मा, काजल श्रीवास्तव और गौरव श्रीवास्तव को भी नामजद किया गया है।

​सोनू सूद के वीडियो से जीता भरोसा

ठगों ने रांची के कटहल कोचा में अपना राज्य कार्यालय बनाया था। आरोपी गाड़ियां खरीदने पर 40 से 90 फीसदी तक छूट देने का दावा करते थे। इसके साथ ही कन्यादान, छात्रवृत्ति और सामान बिक्री से जुड़ी योजनाएं चला रहे थे। लोगों को झांसे में लेने के लिए अभिनेता सोनू सूद का एक वीडियो दिखाया जाता था। आरोपियों का कहना था कि संस्था से बड़े-बड़े लोग जुड़े हैं, इसलिए पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। इस झांसे में आकर सैकड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई जमा कर दी।

​ऐसे चला फर्जीवाड़े का खेल

शुरुआत में पीड़ितों का पैसा RSABN NIDHI LIMITED के बैंक खाते में जमा कराया जाता था। इसके बाद इस रकम को RSOG Foods Cosmetic Pvt. Ltd. के खातों में भेज दिया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए संस्था ने गाड़ियों की किस्त EMI समय पर भरी। इससे लोगों का यकीन और मजबूत हो गया। लेकिन कुछ समय बाद किस्तें देना बंद कर दिया गया। जब लोगों ने सवाल पूछे, तो सरकारी फंड में देरी का बहाना बनाया गया।

​दफ्तर बंद कर आरोपी फरार

किस्तें रुकने के बाद जब पीड़ितों ने दबाव बनाया तो आरोपी बिनू साहू ने फोन उठाना बंद कर दिया। विरोध करने पर पीड़ितों को डराया और धमकाया गया। लगभग दो महीने पहले आरोपी कटहल कोचा स्थित दफ्तर में ताला लगाकर भाग निकले। परेशान पीड़ितों ने आखिरकार पुलिस की शरण ली। फिलहाल जगन्नाथपुर थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

आरबीआई की कार्रवाई से फूटा भांडा

इस फर्जीवाड़े की जड़ें काफी गहरी हैं। गिरिडीह के पचंबा में भी इस संस्था के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। वहां चार आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस पूछताछ में प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने संस्था के सभी बैंक खातों को पहले ही फ्रीज कर दिया है। यह संस्था साल 2010 से ही लोगों को निशाना बना रही थी। पुलिस अब बाकी बचे फरार निदेशकों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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