Home » पश्चिमी सिंहभूम जिले में आदिवासियों के पवित्र स्थल पर शराब पीने के विरोध में हुई मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल, बाबूलाल ने घायलों से की मुलाकात

पश्चिमी सिंहभूम जिले में आदिवासियों के पवित्र स्थल पर शराब पीने के विरोध में हुई मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल, बाबूलाल ने घायलों से की मुलाकात

घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। भाजपा नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

by Rajeshwar Pandey
chaibasa News
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझगांव प्रखंड अंतर्गत पांडुबकी गांव में सोमवार को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी व अन्य राजनीतिक नेताओं ने मारपीट में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और पुलिस पर कार्रवाई के लिए दबाव डाला। फिलहाल मामला राजनैतिक रंग लेता हुआ नजर आ रहा है। तनाव को देखते हुए पुलिस भी सक्रिय हो गई है।

उपासना स्थल पर शराब पीने को लेकर हुआ था बवाल

मारपीट की घटना आदिवासियों के पवित्र स्थल ‘देसावाली’ में गैर-आदिवासी समुदाय के कुछ लोगों द्वारा जुआ खेलने और शराब पीने का विरोध करने के कारण हुई। इस हिंसक झड़प में करीब आधा दर्जन आदिवासी ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह है पूरा मामला

सोमवार को कुछ आदिवासी ग्रामीण ‘एसआईआर’ (SIR) का फॉर्म भरने जा रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए वे देसावाली स्थल के पास रुक गए। वहां दूसरे पक्ष के लोग कथित तौर पर जुआ खेल रहे थे और शराब का सेवन कर रहे थे। जब ग्रामीणों ने पवित्र धार्मिक स्थल पर इस तरह के अनैतिक कार्यों का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दूसरे पक्ष के दर्जनों लोग लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंच गए और प्रदीप कुमार हेंब्रम (45 वर्ष) सहित अन्य ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर दिया।

बाबूलाल मरांडी ने पीड़ितों को हरसंभव मदद का दिया भरोसा

घटना के बाद इलाके में भारी सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। बुधवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सदर अस्पताल पहुंचे और घायल ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद बाबूलाल मरांडी ने जिले के एसपी अमित रेणु से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ तत्काल नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो करेंगे थाने का घेराव

वहीं, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गगराई ने भी इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और थाने का घेराव करेंगे। उन्होंने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में बाहरी व गैर-आदिवासियों के अवैध रूप से बसने पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। फिलहाल, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Related Articles

Leave a Comment