
Jamshedpur : जंतर -मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की जीत के समर्थन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने सोमवार को सिंहभूम जिला परिषद के बैनर तले जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। राज्य परिषद के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्टी नेताओं और अखिल भारतीय छात्र महासंघ (एआईएसएफ) के कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से झंडे-बैनर के साथ जुलूस निकाला और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
जुलूस आंबेडकर चौक पहुंचा, जहां संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और वहां प्रदर्शन करते हुए छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के चेयरपर्सन को हटाने तथा छात्रों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की
इसके बाद पार्टी और एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सीपीआई के जिला सचिव अंबुज कुमार ठाकुर, सचिव मंडल सदस्य हीरा अरकने और धनंजय शुक्ला, एआईएसएफ के राज्य सचिव विक्रम कुमार, जिला सचिव रंजन यादव तथा जिला अध्यक्ष राजू समद शामिल थे।
ज्ञापन में आंदोलन में शामिल छात्रों एवं उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की कानूनी या अन्य प्रताड़ना से सुरक्षा प्रदान करने, जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने, आंदोलन के दौरान छात्रों की सहायता करने वाले परिवारों को परेशान नहीं करने, बिना वर्दी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर कार्रवाई करने, एनटीए के चेयरपर्सन को पद से हटाने, दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र मिलने पर छात्रों के लिए निःशुल्क बस या रेल यात्रा की व्यवस्था करने तथा शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते निजीकरण पर रोक लगाने और निजी स्कूलों-कॉलेजों को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग की गई।
सीपीआई ने राष्ट्रपति से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
प्रदर्शन में बहरागोड़ा के लोकल सचिव राम बेरा, जमशेदपुर लोकल सचिव सत्येंद्र सिंह, पोटका के लोकल सचिव सवालाल महाकुडू, सुखलाल हांसदा, राजीव कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और छात्र संगठन के सदस्य शामिल हुए।

